कमर्शियल बिल्डिंगों के मालिकों को जारी हुआ नोटिस, बिना Driving License के चल रहे E और Auto Rickshaw का फैला मकड़जाल,
PTB Crime न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : जालंधर शहर में आज यानि सोमवार की सुबह ही कमिश्नरेट पुलिस ने कंपनी बाग चौक से लेकर बस्ती अड्डा चौक तक बड़ी करवाई करते हुए दुकानदारों द्वारा किए गए अवैध कब्जे हटवाए। इस दौरान रेहड़ी-फड़ी वालों का सामान भी जब्त कर लिया और थाने में ले गई। इस दौरान दुकानदार भड़क गए और पुलिस प्रशासन व पंजाब की आप सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
.आपको यह भी बता दें कि कुछ दिन पहले ही पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर उक्त कब्जाधारियों को नोटिस जारी करवाया था, जिन्हें सोमवार तक का समय दिया गया था के बावजूद आज यानि सोमवार को जब उक्त दुकानदारों द्वारा किये गए कब्जे हटाने के लिए पुलिस दलबल के साथ गया तो पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। वहीं इस दौरान दुकानदारों ने कब्जे नहीं हटाए तो पुलिस ने कुछ दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया, जिसके बाद मौके पर जमकर हंगामा होने की खबर मिलते ही, कुछ देर बाद हल्के के विधायक रमन अरोड़ा थाने पहुंचे और सामान थाने से छुड़वा दिया।
.वहीं इस दौरान सीनियर पुलिस अधिकारी ADCP ट्रैफिक कंवलप्रीत सिंह चाहल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ये कार्रवाई सिर्फ ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए की जा रही है, क्योंकि प्रताप बाग चौक, श्री गुरु वाल्मीकि चौक, सिविल अस्पताल से लेकर बस्ती अड्डा चौक, फायर ब्रिगेड ऑफिस तक भारी ट्रैफिक रहता है, जिसके चलते इस रूट पर दुकानदारों और फड़ी वालों को फुटपाथ खाली करने के आदेश दिए गए थे। जिन्होंने फड़ियां साइड नहीं की, उनके चालान काटे गए हैं। एडीसीपी ने कहा कि अगर कब्जे नहीं हटाए जाते तो पुलिस केस दर्ज करेगी।
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आपको यह भी बता दें कि कुछ दिन पहले जालंधर के पुलिस कमिश्नर आईपीएस स्वप्न शर्मा ने फील्ड मुलाजिमों से ट्रैफिक को लेकर चर्चा की थी, जिसमें ज्यादातर मुलाजिमों ने बताया था कि शहर के सबसे व्यस्त बाजारों में रेहड़ी-फड़ियां ही सबसे बड़ी समस्या हैं। इस पर सीपी शर्मा ने आश्वासन दिया था कि जल्द नगर निगम के साथ मिलकर रेहड़ी-फड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था बनाई जाएगी और उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
.वहीं पुलिस कमिश्नर आईपीएस स्वपन शर्मा शर्मा ने नगर निगम के साथ मिलकर शहर में कई कॉमर्शियल बिल्डिंग्स को नोटिस जारी किया था, क्योंकि उनमें पार्किंग की व्यवस्था नहीं थी, जिसके चलते ग्राहकों के वाहन बिल्डिंग्स के बाहर खड़े किए जाते थे। उन्होंने कहा था कि इन पर भी कार्रवाई के लिए कमिश्नरेट पुलिस नगर निगम के साथ मिलकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसे देखते हुए बीते दिन स्वपन शर्मा द्वारा नोटिस भी जारी किए गए थे।
.वहीं हैरानी की बात तो यह है कि कॉमर्शियल बिल्डिंग्स बनाने वाले कारोबारियों के पास एक भी इंच पार्किंग की व्यवस्था नहीं है और ऊपर से उनकी मॅहगी और बड़ी-बड़ी गाड़ियों ने सड़क की जगह घेर रखी होती है जोकि ज्यादा समय यानि सुबह से शाम तक वहीं रहती हैं, ऐसे में जब कोई ग्राहक उनके यहां विजिट करता है तो उनको पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है। कॉमर्शियल बिल्डिंग्स को चाहिए की वह अपनी गाड़ियां किसी सेफ जगहों यानि पार्किंग स्थलों पर खड़ी करें ताकि ग्राहकों को सुविधा मिल सके।
.वहीं दूसरी सबसे बड़ी समस्या E-Rickshaw और Auto Rickshaw वालों की है जो बिना वजह कहीं भी घुस जाते हैं। ज्यादातर E-Rickshaw और Auto Rickshaw वालों के पास Driving License ही नहीं है, वहीं इनकी गाड़ियों के ऊपर ना तो ड्राइवर का नंबर और नाम लिखा हुआ है जोकि नियमों के मुताबिक बहुत जरूरी है, वहीं इनके ऊपर सवारियों के बैठने के क्षमता से ऊपर होती हैं जिसकी वजह से कई बार दुर्घटना होने की समयस्या बनी रहती है। अब देखना यह होगा की क्या पुलिस कमिश्नर द्वारा बनाया गया ट्रैफिक की समस्या को दरुस्त करने का जो बीड़ा उठाया है वह सफल होता है या फिर नहीं?
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