PA रोहित कपूर के काम की भूमिका पर भी उठे कई बार सवाल, विजिलेंस विभाग से आखिर क्या? कुछ छुपा रहा है PA रोहित,
रमन अरोड़ा को मिली सरकारी सुरक्षा का आखिर कौन-कौन क्यों करता रहा उपयोग, भजन गाने के बदले आखिर किसने मांगे 1 लाख रूपये,
PTB Big Exclusive न्यूज़ जालंधर : जिला जालंधर जिसे सबसे पहले मीडिया का गढ़ कहा जाता है। जहां चाहे चंद मीडिया कर्मी चंद रुपयों के लिए बिक जाते होंगे। लेकिन जिले में बीते कुछ दिनों से जो कुछ हुआ उसे खुलकर लिखने वालों की भी कमीं नहीं दिखी। भारत के इस चौथे स्तंभ की बदौलत ही आज जनता जनार्दन को विजिलेंस की रडार में फंसे विधायक रमन अरोड़ा व रिश्तेदारों के काले कारनामों के बारे में जहां पहले पता चलता रहा। वहीं आज भी हर सचाई से अवगत करवाया जा रहा है।
.खेर! आज हम रमन अरोड़ा के समधी जिसने कभी जालंधर के मेयर बनने के बड़े-बड़े सपने देखे थे का सब सपने चकना चूर हो चुके हैं। यही नहीं इस समधी की वजह से ही आज तक विधायक रमन अरोड़ा जोकि मंत्री बनने के सपने संजोकर सत्ता के गलियारे में पहुंचे थे के भी सपने धरे के धरे रह गए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण रहा रमन अरोड़ा का समधी राजू मदान, जिसने 2022 के इलेक्शन में भले ही रमन अरोड़ा का दिन रात साथ दिया, लेकिन सत्ता हाथ लगते ही उन युवाओं को सत्ता का लालच देकर अपने साथ जोड़ने लगा जो खुद भी अपने वार्ड के लिए कुछ करना चाहते थे।
.इस दौरान एक ऐसा कांड सत्ता के नशे में धुत समधी से हो गया जो किसी से छुपा नहीं है, हालाँकि इस पुरे मामले में समधी को विधायक रमन अरोड़ा व उसके नीचे नए नए जुड़े सरकारी कर्मियों ने मिलकर इस कांड से समधी को बचा लिए और एक चौंकी इंचार्ज व SHO को बलि का बकरा बनाकर ससपेंड व लाइन हाजिर कर दिया गया। इस पुरे मामले के बाद जहां अंदर ही अंदर विधायक की बदनामी हुई वहीं कुछ समय के लिए समधी राजनितिक गलियारे से गायब भी रहा।
दरअसल हुआ यह कि जालंधर शहर में चोरी के रिकवर किए गए लाखों रुपए गायब कर देने वाले अपने ही पुलिस चौकी प्रभारी (ASI) को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया वहीं British Olivia’s School Jalandhar Rama Mandi के मालिक अमित मैणी (Amit Maini) पर भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। उन पर अपनी शिकायत में चोरी हुए कैश के बारे में गलत जानकारी देने और तथ्य छुपाने का मामला दर्ज किया है। आपको बता दें कि उस समय के चौंकी इंचार्ज ASI मनीष कुमार ने आरोपी शामू की गिरफ्तारी ढिलवां (रामामंडी) में उसके घर की दिखा दी और रिकवरी भी यहां की दिखा दी।

30 लाख का कैश बरामद करने के बाद कैश की रिकवरी रिकार्ड में 8 लाख 5 हजार 550 रुपए दिखाई। शेष रकम ASI मनीष कुमार गायब कर गया। सूत्रों की मानें तो यह सारा कारनामा समधी व रमन अरोड़ा के PA के इशारे पर हुआ था, जिसके बाद मीडिया में इस कांड़ का खुलासा भी हुआ था। यह नहीं बात तो तब और हैरानी जनक हो गया जब ASI मनीष कुमार ने चोर का रिमांड लेने के बजाय उसे कोर्ट में पेश कर सीधे जेल भिजवा दिया ताकि किसी को मामले का कुछ भी पता न चल सके।वहीं रामामंडी के ब्रिटिश ओलिविया स्कूल में 35 लाख की चोरी होने के बाद भी स्कूल के मालिक विजय मैनी ने अपनी शिकायत में कहा कि
.स्कूल में चोरी 9 लाख 30 हजार रुपए की हुई थी। स्कूल मालिक वे रकम इसलिए कम लिखवाई थी क्यों कि इस पैसे का कोई हिसाब नहीं था। हिसाब सिर्फ 9.30 लाख का ही था। शेष सारा धन काला धन था। इस बात की पूरी भनक ASI मनीष कुमार को थी। उसने इसका पूरा फायदा उठाया और स्कूल मालिक को भी डराया कि वह उतने ही पैसों की शिकायत दर्ज करवाए जिनका उसके पास हिसाब है। अन्यथा उसे भी हिसाब देना मुश्किल हो जाएगा। अब पुलिस ने स्कूल मालिक विजय मैनी के खिलाफ भी गलत तथ्य बताने पर मामला दर्ज कर लिया है। हालाँकि सूत्र बताते हैं कि इस पुरे मामले के शहर में फैलने के बाद व
सरकार के दखल के बाद कई दिनों तक रमन अरोड़ा का समधी राजू मदान कहीं इर्द गिर्द भी नर्ज़ नहीं आया। यही नहीं इस पुरे मामले में रमन अरोड़ा के PA रोहित कपूर की क्या-क्या भूमिका रही यह तो विजिलेंस टीम के जाँच का विषय है। सूत्र बताते हैं की अगर PA रोहित कपूर से सख्ती से विजिलेंस विभाग की टीम पूछताश करे तो कई बड़े खुलासे जिनमें स्पा सेंटर से हफ्ता वसूली, शहर में कहां-कहां रेड मारनी है, बड़े मामलों में पुलिस विभाग के अधिकारीयों को आर्डर देने से लेकर, पुलिस कर्मियों को ट्रांसफर करना या नहीं करना? अवैध लाटरी कारोबारियों से हफ्ता वसूली से लेकर बड़े राज खुल सकते हैं।
.यही नहीं अगर विजिलेंस विभाग 2022 से लेकर सेंट्रल हल्के में तैनात जिन पुलिस कर्मियों गिरफ़्तारी हुई या फिर जिनको सस्पेंड कर लाइन हाजिर किया गया। अगर उनसे गहनता से पूछताछ करे तो कई आज और खुल सकते हैं। यही नहीं हैरान करने वाले मामलों में एक मामला कई बार यह भी जग जाहिर हुआ कि विधायक बनते ही रमन अरोड़ा को मिलने वाली सुरक्षा का इस्तेमान आखिर कौन-कौन ओर किस लिए करता रहा। आखिर क्यों रमन अरोड़ा के कहने पर उनके सुरक्षा कर्मीं किसी के साथ लुधियाना तक जाते रहे। सूत्र बताते हैं कि आखिर धार्मिक स्थलों में इन सुरक्षा कर्मियों को कौन अपने साथ लेकर जाता रहा।
.यही नहीं सूत्र तो यह भी बताते हैं कि रमन अरोड़ा के “खासमखास दोस्त” ने जो कभी चुनावों के बाद हुए आपसी विवाद के बाद अलग हो गया, लेकिन समधी राजू मदान को टिकट ना दिलाकर, खुद टिकट लेकर सुर्ख़ियों में भी रहा जोकि तेल कारोबारी के नाम से भी जाना जाता है ने भी रमन अरोड़ा के कहने पर पुलिस तंत्र का उपयोग किया। जिसे मंडी के लोगों ने आते जाते भी कई बार देखा, जोकि जाँच का विषय है।
.खेर! अभी बहुत से किस्से हैं जिनका विजिलेंस की टीम अगर एक-एक व्यक्ति से सख्ती से पूछताछ करे तो ऐसे बड़े खुलासे हो सकते हैं। सूत्रों की मानें तो सेंट्रल टाऊन में नए बने घर में रखे गए एक जागरण में चंद भजन गाने के बदले लाख रूपये का सौदा भी चरचाओं का विषय बना। यही नहीं लव कुश चौक के पास स्थित एक आइसक्रीम वाले से लाखों रुपयों की हफ्ता वसूली जोकि विधायक की जीत के बाद का पहला घमासान था, जिसके शहर में खूब चर्चे हुए और बहुत खिल्ली भी उडी।
यही नहीं सूत्रों की मानें तो कपूरथला चौक के पास स्थित अस्पताल भी चर्चाओं में रहा जहां करोड़ों की डील के चर्चे से लेकर जालंधर-फगवाड़ा हाइवे पर बने एक होटल के अवैध निर्माणकार्य में हुई लाखों की डील से लेकर बहुत से किस्से हैं जो विधायक रमन अरोड़ा व उनके समधी राजू मदान के साथ जुड़े। हालाँकि यह सब चुनावों में चर्चाओं का विषय विरोधियों की जुबान पर रहे लेकिन इनका कभी भी पुख्ता सबूत कोई विरोधी पेश नहीं कर पाए। लेकिन कहते हैं ना कि धुंआ तभी उड़ता है जब आग लगती है यानि विजिलेंस विभाग की टीम गहनता से जाँच करे तो बहुत से राज जग जाहिर हो सकते हैं।






































