के.एम.वी. ने देशभर में से हासिल की सर्वोत्तम रेटिंग,
PTB News “शिक्षा” : भारत की विरासत एवं आटोनामस संस्था,कन्या महाविद्यालय, जालंधर द्वारा विभिन्न सफलताओं की प्राप्ति के साथ औरों के लिए मिसाल बनने के साथ-साथ इनोवेशन तथा एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में भी अपनी सूझ-बूझ का प्रमाण पेश किया गया है।के.एम.वी. में स्थापित इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (आई.आई.सी.) को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के इनोवेटिव सेल द्वारा संपूर्ण प्रतिबद्धता एवं समर्पित कार्यगुजारी करते हुए छात्राओं एवं अध्यापकों में उद्यमी तथा इनोवेटिव संस्कृति के प्रसार के लिए आयोजित की गई विभिन्न गतिविधियों के आधार पर 4 गोल्ड स्टारज (देशभर में से सर्वोत्तम रेटिंग) के साथ सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी कन्या महाविद्यालय की इस काउंसिल को भारत सरकार द्वारा 4.5 गोल्ड स्टारज रेटिंग से सम्मानित किया था। संपूर्ण देश में से भारत सरकार द्वारा 4 गोल्ड स्टारज हासिल करने वाली कुछ संस्थाओं में से एक होना के.एम.वी. के लिए गौरव का विषय है। इस महत्वपूर्ण प्राप्ति पर खुशी का इजहार करते हुए विद्यालय प्रिंसीपल प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने बताया कि छात्राओं में इनोवेटिव तथा उद्यमी कल्चर पैदा करने एवं इस को विकसित करने के लिए के.एम.वी. के द्वारा लगातार प्रयत्न किए जा रहे हैं तथा विभिन्न विभागों द्वारा गतिविधियां भी इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को केन्द्र में रखकर ही आयोजित की जाती है।
छात्राओं की प्रतिभा एवं हुनर पर आधारित उनके स्टार्टअप के लिए सदा एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करने वाली संस्था की ओर से 14 छात्राओं द्वारा आत्मनिर्भर बनते हुए फैशन बुटीक, ब्यूटी सैलून, डाइट क्लीनिक, न्यूट्रिटिव फूड मैन्युफैक्चरिंग, वीडियो एडिटिंग आदि को ना केवल शुरू करने बल्कि अपनी मेहनत तथा लगन के साथ इन्हें चलाने के लिए सीड फंडिंग भी प्रदान की गई है। भारत सरकार के द्वारा टोवाएकाथान प्रतियोगिता में भी इस काउंसिल के अंतर्गत छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है।
इसके साथ ही कन्या महाविद्यालय के इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल को भारत सरकार के द्वारा मेंटर इंस्टिट्यूशन का सम्मान भी प्राप्त है। इस गौरवमई प्राप्ति के लिए उन्होंने के.एम.वी. आई.सी.सी. प्रेसिडेंट श्रीमती रश्मि शर्मा तथा वाइस प्रेसिडेंट डॉ. नीतू चोपड़ा के साथ-साथ समूह टीम द्वारा किए गए प्रयत्नों की प्रशंसा की और कहा कि के.एम.वी. में इनोवेटिव प्रथा एंटरप्रेन्योरियल प्रयत्न ना केवल एंटरप्रेन्योरशिप की योग्यता में सुधार लेकर आएंगे बल्कि छात्राओं एवं अध्यापकों के इनोवेटिव व्यवहार का भी मार्गदर्शन करेंगे।



































