PTB News

Latest news
2026 में एलपीयू के 56 फैकल्टी सदस्य दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल; 23 सदस्य रिसर्च के अलग-अ... सेंट सोल्जर कॉलेज की छात्रा अंशुल ने रोलर स्केटिंग में जीते चार स्वर्ण पदक, एचएमवी की छात्राओं ने बी.बी.ए. सेमेस्टर- II की यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में मेरिट स्थान हासिल किए एअर इंडिया ने लिया बड़ा फैसला, इन देशों के लिए सभी उड़ानें की रद्द, कहा-मिलेगा रिफंड झोटा हत्याकांड में केंद्र सरकार ने मारी एंट्री, अमित शाह ने दोहराया अपना संकल्प पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक ओर व्यक्ति का किया सरेआम क*त्ल, मचा हडकंप सुप्रीम कोर्ट ने असली पत्रकारों की पहचान और सुरक्षा को बताया बड़ी चुनौती, किस्से मांगा जवाब OSAP विवाद में आया बड़ा यू-टर्न! Gurinder Bhatti पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले ने मांगी माफी, वीडिय... पंजाब : परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में आज पंजाब बंद, हाईवे किए गए जाम, मानसा की SHO पर गिर... जीएनए यूनिवर्सिटी ने बहुविषयक अनुसंधान एवं सतत नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया,

जगन्नाथ मंदिर में भक्‍तों को नहीं म‍िला 'महाप्रसाद', व‍िधायकों ने जताया व‍िरोध, (पढ़ें और देखें पीटीबी न्यूज़ पर)

PTB न्यूज़ “धार्मिक” : ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों कांग्रेस और बीजेपी ने पुरी के जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को हुए अनुष्ठान के दौरान कुप्रबंधन को लेकर हंगामा किया / हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित कर दी / सदन की बैठक जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सदस्य विधानसभा अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे / उन्होंने जगन्नाथ मंदिर के अनुष्ठान में गड़बड़ी के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया / विपक्ष के नेता नरसिंह मिश्रा ने कहा, ‘यह दुखद है कि देव अनुष्ठान में देरी हुई, जबकि हजारों भक्तों को महाप्रसाद नहीं मिला / यह संबंधित अधिकारियों की लापहरवाही की वजह से हुआ.’

बीजेपी विधायक प्रदीप पुरोहित ने कहा कि सेवक हड़ताल पर हैं और राज्य सरकार गहरी नींद में हैं / उन्होंने अनुष्ठान में गड़बड़ी को लेकर कार्रवाई की मांग की / सत्तारूढ़ पार्टी के मुख्य सचेतक अमर प्रसाद सत्पथी ने कहा कि सरकार को इसकी जानकारी है और वह इस मुद्दे पर कदम उठा रही है / उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में न्यायमूर्ति बी.पी.दास आयोग की श्रीमंदिर सुधार पर सिफारिशों में एक को लागू करने का आदेश दिया, जिसमें कहा गया कि सेवकों के अलावा किसी को भीतरा काठा से आगे जाने की इजाजत नहीं होगी. सेवक ही ‘गर्भगृह’ का अनुष्ठान करते हैं /