PTB Big News नई दिल्ली : भारत में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस देश की सबसे बड़ी बुनियादी समस्याओं में से एक है। निजी कॉलेजों की फीस इतनी ज्यादा होती है कि एक आम आदमी इसे अफॉर्ड नहीं कर सकता। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जब बवाल मचा तो यह आंकड़ा सामने आया कि यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए भारतीय छात्रों की संख्या 18 हजार के करीब थी। इसके पीछे का मुख्य कारण देश के प्राइवेट कॉलेजों की फीस ही है। इसे ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने मेडिकल छात्रों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है।
पीएम मोदी सोमवार को जनऔषधि दिवस पर अपना संबोधन कर रहे थे। उन्होंने इसी दौरान यह सूचना दी और कहा- कुछ दिन पहले ही सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है जिसका बड़ा लाभ गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को मिलेगा। हमने तय किया है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेज के बराबर ही फीस लगेगी।
कई दिनों से देश में मेडिकल की शिक्षा में लगने वाली फीस को कम करने की मांग चल रही थी। कुछ ही दिनों पहले ऐसा अंदाजा भी लगाया गया था, कि फीस में कटौती का कदम जल्द ही उठाया जा सकता है। आपको बता दें कि यह कदम भविष्य में यूक्रेन जैसी घटना से बचने के लिए मोदी सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। दरअसल, यूक्रेन में देश के बहुत सारे छात्र मेडिकल की पढाई करने जाते हैं और इस समय जो यूक्रेन की हालात है, उसे देखते हुए मोदी सरकार देश में मेडिकल की पढाई सुगम करने की ओर अपना कदम बढ़ा चुकी है।





































