PTB News

Latest news
डेंटल कॉलेज शिमला का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला होगा: मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्रीमती मनोरमा मेयर के निमित्त प्रार्थना सभा में अर्पित भावभीनी श्रद्धांजलि, एचएमवी ने जीएनडीयू दीक्षांत समारोह में 29 स्वर्ण पदक प्राप्त कर रचा नया इतिहास, श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा लंगर सेवा का आयोजन, 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को उठा ले गई दिल्ली पुलिस, पहुंचाया अस्पताल, अभिजीत दीपके ... ₹4 करोड़ फिरौती मामले में पंजाब पुलिस के SHO को किया गिरफ्तार स्टूडेंट्स ऑफ़ सेंट सोल्जर ग्रुप ने नीट 2026 में शानदार प्रदर्शन कर संस्थान का नाम किया रोशन, इनोसेंट हार्ट्स के निलेश दत्ता ने नीट (यूजी)-2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1305 प्राप्त कर विद्यालय ... PM मोदी ने हरियाणा से देश को समर्पित की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलती बस में लगी भीषण आग, ड्राइवर की सूझबूझ से 30 यात्रियों की बची जान

पंजाब के इस SSP के खिलाफ व डीजीपी पंजाब को दिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त आदेश,

punjab-jalandhar-punjab-and-haryana-high-court-issued-bailable-warrant-against-hoshiarpur-ssp-and-dgp-punjab

.

PTB Big न्यूज़ होशियारपुर : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश की गंभीर अवहेलना के मामले में होशियारपुर के एसएसपी के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। यह कार्रवाई एक महिला की कथित गैरकानूनी गिरफ्तारी के मामले में कोर्ट के स्पष्ट आदेशों की अनदेखी करने पर की गई। हाईकोर्ट के जस्टिस सुमीत गोयल की एकल पीठ के समक्ष मामला पेश हुआ, जहां उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि

.

.

पुलिस न तो पीड़िता को अदालत में पेश कर सकी और न ही एसएसपी खुद कोर्ट में हाजिर हुए। उन्होंने कहा, “मामला सुबह दो बार बुलाया गया, लेकिन न तो महिला को कोर्ट में लाया गया और न ही कोई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पेश हुए। इस संबंध में कोई संतोषजनक या संभावित स्पष्टीकरण भी सामने नहीं आया। जस्टिस गोयल ने कहा कि हैबियस कॉर्पस जैसी संवैधानिक याचिका, जो किसी व्यक्ति की गैरकानूनी गिरफ्तारी के खिलाफ दायर की जाती है।

.

नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सबसे महत्वपूर्ण अधिकार की रक्षा करती है। उन्होंने टिप्पणी की “हैबियस कॉर्पस उस कुंजी की तरह है जो स्वतंत्रता के द्वार खोलती है और इसे मौलिक अधिकारों के न्यायशास्त्र का आधार माना जाता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के मामलों में अदालत द्वारा जारी किसी भी आदेश का पालन पूरी निष्ठा और सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। अदालत ने चेतावनी दी कि ऐसे आदेशों की अनदेखी अदालत की अवमानना के समान है।

.

.

हाईकोर्ट ने एसएसपी को नोटिस जारी कर पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही संबंधित क्षेत्र के आईजीपी को आदेश दिया कि वे एसएसपी के खिलाफ जारी वारंट की तामील सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। जस्टिस गोयल ने यह भी निर्देश दिया कि “पंजाब के डीजीपी को आदेश दिया जाता है कि अगली सुनवाई पर उक्त महिला को अदालत में पेश किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो डीजीपी को स्वयं उपस्थित होकर इसका कारण बताना होगा।