PTB Big न्यूज़ जालंधर : जिला जालंधर में अग्गामी लोकसभा सीट पर चुनावों की तैयारी कर रही अलग-अलग पार्टियों को बड़ा झटका क्रिस्चन समाज दे सकता है, इससे पहले कांग्रेस जहां अपने उम्मीदवार का एलान कर चुकी है वहीं, भाजपा, अकाली दल-बसपा और सत्ताधारी दल यानि आम आदमी पार्टी अभी तक अपना उम्मीदवार एलान करने में जुगाड़ लगा रही है ताकि वह इन लोकसभा चुनावों में प्रचंड जित हासिल कर सकें।
लेकिन इन सबके बिच के बाद अब चौथा फ्रंट पंथक भी सामने आ गया। मिली जानकारी के अनुसार पंजाब की राजनीति में क्रिश्चियन भाईचारा भी अपनी एंट्री जल्द कर सकता है। 35 कोस्टल क्रिश्चियन कम्युनिटी प्रबंधक कमेटी जिससे जो एक हजार चर्चेस से जुड़ी है के प्रमुख हरप्रीत दिओल ने भी इसकी पुष्टी की है। मिली जानकारी के अनुसार क्रिश्चियन कम्युनिटी प्रबंधक कमेटी प्रमुख एवं कपूरथला के तहत आती खोजेवाल चर्च के प्रोफेट (भविष्य वक्ता) हरप्रीत दिओल ने कहा कि वह खुद राजनीति में नहीं आ रहे हैं।
उनका राजनीति से कोई लेना देना है। वह धर्म के क्षेत्र में ही काम करेंगे, लेकिन उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए 35 कोस्टल क्रिश्चियन कम्युनिटी प्रबंधक कमेटी ने पार्टी बनाने का फैसला लिया है। प्रोफेट हरप्रीत सिंह ने मीडिया के बंधुओं को बताया कि कई ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से आज 35 कोस्टल क्रिश्चियन कम्युनिटी प्रबंधक कमेटी को राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2011 में नोटिफिकेशन जारी की कि हर जिले में जहां पर मसीही समाज है वहां पर कब्रिस्तान के लिए जगह दी जाए, लेकिन अभी तक नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों बठिंडा में उनके एक पास्टर की माता की देहांत हो गया तो उन्हें दफनाने के लिए जगह नहीं मिली तो शव को सड़क पर रख कर प्रदर्शन करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि उनके चुनाव में उतरने को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन वह राजनीति में नहीं आ रहे हैं समुदाय में बहुत सारे लोग हैं जो इस क्षेत्र में अच्छी भूमिका निभा सकते हैं।
जालंधर लोकसभा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब में अनुसूचित जाति का वोट बैंक सबसे ज्यादा है। पंजाब में कुल जनसंख्या का करीब 32 प्रतिशत हिस्सा SC समाज का है। पंजाब में अनुसूचित जाति की आबादी में 60 फीसदी मजहबी सिख हैं और 40 फीसदी हिंदू हैं। इनमें से ही अधिकतर क्रिश्चियन बन चुके हैं। यदि यह समुदाय एक तरफ चल पड़ा तो राजनीतिक दलों खेल बिगाड़ सकता है।
जालंधर लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति बहुल होने के कारण ही आरक्षित भी है। यदि यहां से क्रिश्चियन समुदाय ने थोड़ी-बहुत भी हलचल की तो राजनीतिक दलों के समीकरण बिगड़ जाएंगे। जालंधर में बहुत से सारे एससी समुदाय से जुड़े लोग अपना धर्म परिवर्तन कर क्रिश्चियन बन चुके हैं।















































