PTB News

Latest news
जालंधर में दिनदिहाड़े फिर चली गोलियां, पुलिस जांच में जुटी Iran-America में समझौते की खबरों से चढ़ी शेयर मार्केट, निवेशकों ने ली राहत की सांस एचएमवी की छात्राओं ने यूनिवर्सिटी में सबसे ज़्यादा एसजीपीए हासिल किए, ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਦੇ ਐਮ.ਐਸ.ਸੀ. ਆਈ.ਟੀ. ਸਮੈਸਟਰ ਤੀਜਾ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਰਿਹਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ, अब सरकार ने शुरू की बेसहारा बच्चों के लिए Bal Sangopan Yojana, मिलेंगे 2500 रूपये महीना अमेरिकी हमले में मृत आदित्य के शव का परिवार व गांव वाले कर रहे इंतजार, फूट-फूट कर मीडिया के सामने रो... निशानेबाजी के 'गोल्डन बॉय' जसपाल राणा ने दुनिया को कहा अलविदा, खेल जगत में शोक गोल्डन टेंपल परिसर में बेअदबी की युवक ने की कोशिश, SGPC अध्यक्ष ने लिया संज्ञान पेपर लीक और परीक्षा विवाद पर कॉकरोच पर ने किया बड़े आंदोलन का ऐलान Iran US War, Oman के निकट अमेरिकी मिसाइल हमले में हिमाचल प्रदेश के युवक की हुई मौत, क्षेत्र में शोक ...

आप सरकार के निशाने पर अब यह पूर्व कांग्रेसी मंत्री, 2 IAS अफसरों पर भी हो सकता है बड़ा एक्शन, इस घोटाले से जुड़ा है मामला,

punjab land scam bhagwant mann govt likely action on congress ex minister ias officers 

PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के रडार पर पूर्व कांग्रेसी ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा आ गए हैं। उनके साथ 2 IAS अफसरों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। इन पर अमृतसर में जमीन के सौदेबाजी में 28 करोड़ के घपले का आरोप है।

मौजूदा ग्रामीण विकास मंत्री कुलदीप धालीवाल ने इसकी रिपोर्ट सीएम भगवंत मान को भेज दी है। मंत्री धालीवाल ने कहा कि इसमें पूर्व मंत्री और 2 IAS के नाम आने की वजह से कार्रवाई करने मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं। इसलिए इसे मुख्यमंत्री को सौंपा गया है।

मंत्री कुलदीप धालीवाल ने बताया कि अमृतसर के गांव भगतुपुरा में पंचायत ने अल्फा इंटरनेशनल को जमीन बेची थी। सरकार बनते ही इस बिक्री में करोड़ों के गड़बड़ी का शक हुआ। उन्होंने 20 मई को इसकी 3 मेंबरी जांच टीम बनाई। जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएम को सौंप दी गई।

मंत्री कुलदीप धालीवाल ने कहा कि जांच में पता चला कि चुनाव नतीजे आते ही 10 मार्च को कांग्रेस सरकार हट चुकी थी। 11 मार्च की सुबह कांग्रेस सरकार के CM चरणजीत चन्नी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बावजूद मंत्री ने इसी दिन फाइल साइन की। उस वक्त कोड ऑफ कंडक्ट भी लगा हुआ था।

सवाल यह है कि जो फाइल 4-5 साल से घूमती रही, उस पर इतनी जल्दी कैसे साइन हुए। वहीं इस मामले में बाजवा का कहना है कि अगर आप सरकार को एतराज था तो रजिस्ट्री रोक लेते। बेवजह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

Latest News