PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग लगातार सक्रिय नजर आ रहा है, ऐसे में आए दिन कोई न कोई मामला रिश्वत लेने का सामने आ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार अब विजिलेंस ब्यूरो पंजाब के बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई कर सकती है। यह भी जानकारी मिली है कि विजिलेंस ने 46 के करीब अधिकारियों की लिस्ट बनाई हुई है, जिनमें विभिन्न मामले शामिल हैं। विजिलेंस विभाग इस कार्रवाई के लिए इनसे संबंधी विभागों व सरकार के आदेश के इंतजार कर रहा है।
बताया जा रहा है कि विजिलेंस ब्यूरो द्वारा पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिए हलफनामे में भ्रष्टाचार निवारण एक्ट के तहत विभिन्न विभागों में 35 मामलें लंबित हैं। इस हलफनामे में विजिलेंस ब्यूरो के ज्वाइंट डायरेक्टरम गुरसेवक सिंह ने बताया है कि यह 2018 से 2023 के 21 जून तक का आंकड़ा है, जिसमें 6 मामलों को अस्वीकार कर दिया गया और 4 को मंजूरी दे दी गई।
आपको यह भी बता दें कि यह हलफनामा सर्बजीत सिंह वेरका द्वारा 3 सितंबर 2021 को जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज की बैंच आगे दर्ज करवाया गया था, जिसके तहत केंद्र सरकार पब्लिक प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की जांच की विधि तय की थी। इस हलफनामे में यह भी कहा गया कि एक नेता और PPS अधिकारी के खिलाफ केस की मंजूरी संबंधित विभाग से मिल गई है वहीं अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी के अलावा जी.के सिंह, एसएस. बैंस, आईएएस अधिकारी संजय पोपली, व आई.एफ.एस. विशाल चौहान के खिलाफ उनके विभागों से मंजूरी नहीं मिली है।












































