Three contenders for land deal in Jalandhar How did the officers of Jalandhar Commissionerate Police, despite the ongoing hearing in the Honorable Court, first filed an FIR
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारीयों ने कैसे माननीय कोर्ट में चल रही सुनवाई के बावजूद कर दी पहले पर FIR,
इतनी बड़ी हेराफेरी में आखिर कौन-कौन है जिम्मेदार, पुलिस महकमें के जाँच में शामिल कई अधिकारी व डीसी कंप्लेक्स के कई अधिकारी भी हैं शामिल,
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PTB City न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : वादा आज पीटीबी न्यूज़ का, एक ऐसे खुलासे का जिसकी दावेदारी तीन लोगों ने की लेकिन दस्तावेज के अभाव में दो लोग आमने सामने खड़े हैं, जिनमें शहर का एक नेता जो अब तीसरी पार्टी में जा चूका है वह भी शामिल है / इसमें कितना सच है कितना झूठ उसका फैसला माननीय कोर्ट में अभी पेंडिंग है, लेकिन सबूतों के आधार पर जो कुछ हुआ उसका सच हम आपके सामने रखना चाहते हैं / वह भी तब जब जालंधर कमिश्नरेट पुलिस जाँच के बाद पहले दावेदार पर ही FIR दर्ज तब कर देती है जब इस मामले में माननीय कोर्ट ने अभी कोई भी फैसला नहीं सुनाया है /
.सबसे पहले बात करेंगे उस पंजाब पुलिस की जहां आये दिन पुलिस के अधिकारी हों या हों पुलिस मुलाजिम जिनका या तो रिश्वत लेते हुए कोई वीडियो वॉयरल हो जाता है या फिर किसी के साथ मिलकर किये गए धोखाधड़ी के केस को लेकर, बीते दिनों इन्हीं गैर जिम्मेदाराना हरकतों की वजह से माझा जिले में जो कुछ हुआ और उसके बाद जिन-जिन पुलिस अधिकारीयों पर इसकी गाज गिरी उसका खुलासा किसी से छुपा नहीं है और इसके लिए खुद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को इस मामले से जुड़े पुलिस अधिकरियों पर करवाई करने के आदेश दिए जोकि कुछ घंटों की तफ्तीश के बाद पूरा करते हुए डीजीपी दिनकर गुप्ता ने उन पुलिस अधिकारीयों को सस्पेंड कर दिया जो इस मामले से जुड़े थे /
.दरअसल मामला एक जमीन से जुड़ा हुआ है पीटीबी न्यूज़ को दस्तावेज दिखाते हुए गुरजीत सिंह ने बताया कि जमीन जिसका विवाद चल रहा है और यह मामला माननीय कोर्ट के अधीन पेंडिंग है / उन्होंने आगे बताया कि मलकियत लेट श्रीमती जोगिन्दर कौर पत्नी हरनाम सिंह निवासी कमल बिहार को राजेश कुमार नाम के व्यक्ति को जमीन बेचने का सौदा तय कर लेती है और इस संबंध में राजेश कुमार से जमीन का एग्रीमेंट करवा लेती है और इसके बदले कुछ लाख रूपये भी ले लिए जाते हैं, लेकिन जिस दिन पॉवर ऑफ़ अटार्नी राजेश के नाम करनी होती है उस दिन राजेश कुमार पुरे पैसे नहीं दे पता है और श्रीमती जोगिन्दर कौर अपने बेटे गुरजीत सिंह के नाम 19-04-2012 को ही अपनी जमीन की पवार ऑफ़ अटॉर्नी कर देती है,

इस बात का पता राजेश कुमार को भी होता है और वह खुद इस मामले में गवाह बनकर गुरजीत सिंह के नाम पॉवर ऑफ़ अटार्नी करवाने के लिए जाता है, लेकिन कुछ समय बाद यानि 29-10-2012 को लेट श्रीमती श्रीमती जोगिन्दर कौर की मौत हो जाती है और 2018 तक पवार ऑफ़ अटार्नी बेटे गुरजीत सिंह के नाम ही रहती है लेकिन इन बीते हुए सालों के बाद अचानक गुरजीत सिंह का विदेश जाने का प्रोग्राम बन जाता है और वह इसी दौरान यह सोच कर अपनी पॉवर ऑफ़ अटार्नी के माध्यम से मकान की रजिस्ट्री अपनी पत्नी जसबीर कौर के नाम 18-12-2019 को करवा देता है ताकि वह विदेश जा सके और जब राजेश कुमार अपनी जमीन की मांग करे तो उसकी पत्नी जसबीर कौर उसके नाम रजिस्ट्री करवा सके /

कहानी के अगले पड़ाव में गुरजीत सिंह ने जैसा की पीटीबी न्यूज़ को बताया की उसके भाई गुरप्रीत सिंह पुत्र हरनाम सिंह निवासी कमल विहार को अपने भाई गुरजीत सिंह के भाई के विदेश जाने की भनक लग जाती है, लेकिन उसको यह पता नहीं होता की उसके भाई गुरजीत सिंह ने यह जमीन अपनी पत्नी जसबीर कौर के नाम करवा दी है / इस कहानी के बाद एंट्री होती है अरविन्द कुमार पुत्र श्री ईश नारायण मिश्रा निवासी कमल विहार जोकि गुरप्रीत सिंह का दोस्त है /
इन दोनों ने मिलकर जमीन की नकली दस्ताबेजों के साथ सरकारी अधिकारीयों के साथ मिलकर 01-01-2020 को रजिस्ट्री करवा ली अपने ही बनाये ही गवाहों को भी सब-तहसीलदार मनिदर सिंह सिद्धू के यहां पेश कर दिया, लेकिन सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह है की इस दौरान सब-तहसीलदार मनिंदर सिंह सिद्धू ने बिना नंबरदार जिसका नाम बिशन चंद की गवाही के बिना ही रजिस्ट्री कैसे कर दी, जिसके बाद सब-तहसीलदार के ऊपर भी कई सवाल खड़े होते हैं /

इस नकली रजिस्ट्री के बारे में गुरजीत सिंह को तब पता चला जब वह अपनी पत्नी के नाम पर की गई रजिस्ट्री को केंसिल करवाने के लिए सब तहसीलदार के पास गए तो उन्होंने गुरजीत सिंह को माननीय कोर्ट की शरण में जाने को कहा, क्योंकि इसका अधिकार सिर्फ और सिर्फ माननीय कोर्ट के पास ही है / इसके जैसे ही माननीय कोर्ट में अपने पत्नी के नाम रजिस्ट्री करवाने और उसे केंसिल करवाने संबंधी पटीशन दायर की तो गुजीत सिंह को कुछ दिन बाद यह बात गुरप्रीत सिंह अपने भाई से यह पता चला की उसने और अरविन्द कुमार ने मिलकर एक नकली रजिस्ट्री पहले ही करवा ली है /

गुरजीत संघ ने आगे बताया कि इसके बाद गुरप्रीत सिंह और अरविंद कुमार ने मिलकर मुझे और मेरे पिता को बार-बार पैसों की मांग की जिसके अभाव में मेरे भाई गुरप्रीत सिंह ने कई बार हमें आत्महत्या कर लेगा अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए तो कहकर ब्लेकमेल करता रहा / इस दौरान गुरजीत सिंह ने इस मामले में नकली रजिस्ट्री को लेकर री-इंक्वायरी करने के लिए दुबारा सब-तहसीलदार, पुलिस कमिश्नर को दुबारा जाँच करने के लिए लिखा जिसकी कॉपी वह डीजीपी, डीसीपी से लेकर तमामल बढ़े अधिकारीयों को भेजते हैं जिसके बाद सब तहसीलदार से लेकर जालंधर पुलिस कमिशनर फिर DA लीगल और इसके बाद इस मामले में रिपोर्ट बनाने की जाँच ACP कमलजीत सिंह के पास पहुंचती है और यह जाँच रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी एंटी फ्रॉड डिपार्टमेंट के अधिकारीयों तक भी पहुंची /
.लेकिन 20-03-2020 को गुरजीत सिंह और उसकी पत्नी पर ही नकली रजिस्ट्री करवाने को लेकर FIR दर्ज हो गई और वह घर से अपनी गर्भवती पत्नी के साथ भागते फिरते हैं और इसी बीच लॉक डाउन लग जाता है / काफी समय तक पुलिस से आँख मिचोली खेलने के बाद वह सब-तहसीलदार से लेकर डीसी, पुलिस कमिशनर जालंधर और तमाम अधिकारीयों को FIR दर्ज गलत हुई है इसकी जाँच सम्बन्धी लिखते हैं जिसकी जिम्मेदारी पुलिस के उच्च अधिकारी के पास पहुंचती है, लेकिन ना तो इस मामले में री-इन्वेस्टीगेशन होती है और ना ही फर्दर इन्फेस्टिगेशन और आज तक गुरजीत सिंह कभी इस ऑफिस के तो कभी इस ऑफिस के चक्कर लगा कर इंसाफ के लिए इधर उधर भटक रहा है /

इस सारे मामले में सोचने वाली बात तो यह भी है की पुलिस को जब पता था की माननीय कोर्ट में इस केस की सुनवाई अभी चल रही है तो इसके बावजूद गुरजीत सिंह के खिलाफ किस अधिकारी ने किसके कहने पर FIR दर्ज की और क्यों? इंसाफ का तराजू कहे जाने वाली माननीय कोर्ट के खिलाफ जाने वाले पुलिस ने जो अपराध किया है उसके लिए जो भी दोषी उनकी अब माननीय कोर्ट की अवहेलना करने पर नौकरी भी जा सकती है /

इस सारे घटनाक्रम के बारे में जब हमने जालंधर शहर के प्रसिद्ध वकील निष्पक्ष सरीन से बात की तो उन्होंने कहा की अगर ऐसा किसी के साथ हुआ है और बिना जाँच पड़ताल किये FIR किसी पर तब हुए है जब माननीय कोर्ट में यह मामला चल रहा है तो यह बहुत ही दुःखद बात है क्योंकि इससे माननीय कोर्ट का अपमान हुआ है और इस गंभीर मामले में माननीय कोर्ट की अवहेलना करने पर सरकारी अधिकारी को अपने पद का लगत उपयोग करने पर किसी के साथ निजी तोर पर साथ देने और किसी के कहने पर FIR दर्ज करने वाले इस मामले में शामिल अधियकारियों की नौकरी भी जा सकती है /
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इस संबंध में जब पीटीबी न्यूज़ ने फर्दर इन्वेस्टीगेशन कर रहे पुलिस अधिकारी ACP सेंट्रल हरसिमरत सिंह छेत्रा से बात करने की कोशिश की तो उनका नंबर बंद जा रहा था, उसके बाद पीटीबी न्यूज़ ने ACP कमलजीत सिंह से बात की जोकि आज कल कोरोना संक्रमित हैं और होम क्वारंटीन हैं से जब सम्पर्क किया तो उन्होंने कहा कि हमने अपनी रिपोर्ट बनाकर DA लीगल को भेज दी थी उसके बाद उनकी और से ही बारादरी थाने में गुरजीत सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा होगा,

लेकिन सोचने वाली बात तो यह है कि RTI में इस बात का खुलासा हुआ है कि सब तहसीलदार ने जाँच के लिए पुलिस अधिकारयों को कहा था रिपोर्ट बनाने के लिए ना की FIR दर्ज करने के लिए / इसके बाद पीटीबी न्यूज़ सब तहसीलदार मनिंदर सिंह सिद्धू से भी बात करते हैं तो उन्होंने बताया कि ऐसा एक मामला सामने आया तो था लेकिन अभी उनको याद नहीं है लेकिन वह कभी भी उनके ऑफिस में आकर उनसे इस मामले सम्बन्धी जानकारी ले सकते हैं /

अब उस सख्श से बात करने की पीटीबी न्यूज़ की बारी थी जिसके ऊपर यह सारे इलाज्म लगाए गए थे और यह हमारे अधिकार यानि भारत के चौथे स्तंभ के कानून से संबंधित था जिसको हम छोड़ नहीं सकते थे / पीटीबी न्यूज़ ने इस सम्बन्ध में जब कांग्रेसी नेता अरविन्द कुमार से जब इस सारे मामले संबंधी बात की तो उन्होंने इन सभी इल्जामों को बेबुन्याद और जान बुझकर झूठे इल्जाम लगाकर उसे फंसाने की साजिश संबंधी बात कही /

उन्होंने पीटीबी न्यूज़ के हर सवाल का जवाब बड़ी ही बेबाकी से दिया और कहा कि FIR उस व्यक्ति पर दर्ज होती ही जो गलत होता है और इस सारे मामले में उल्टा मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है / उन्होंने यह भी बताया की बीते दिनों जब यह लोग मेरी जमीन पर दिवार बनाकर गेट लगा रहे थे तो इस बात की भनक मुझे लग गई जिसकी शिकायत तुरंत स्थानीय रामामंडी थाने की प्रभारी को की गई जिसके बाद सभी को उन्होंने थाने में बुलाया लेकिन बातों ही बातों में मेरी रजिस्ट्री को यह लोग अपने साथ ही ले गए जिसके लिए मैने थाना नंबर 4 में बने सुविधा सेंटर में लिखित में शिकायत भी दी है / उन्होंने यह भी कहा कि अब आप ही बताईये की इसमें कौन गलत है अगर मैं गलत होगा तो क्या रिजिस्ट्री की शिकायत करता /

पीटीबी न्यूज़ ने यह खबर लोगों के साथ जमीनी सौदों को लेकर हो रही जालंधर शहर मेँ गलत रजिस्ट्री और इससे जुड़े दावेदारों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर लिखी है ताकि शहर की जनता को ऐसे मामलों से परिचित और शहर की कानून व्यवस्था और डीसी काम्प्लेक्स में जमीनी सौदों को लेकर चल रही धांदली का खुलासा किया जा सके / इस मामले संबंधी अगर कोई और जानकारी या सबूत जैसे ही पीटीबी न्यूज़ को मिलेंगे उनको भी निडरता के साथ और भारत के चौथे स्तंभ के लिए बने कानून के आधार पर प्रकाशित किया जायेगा /
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