PTB News

Latest news
सेंट सोल्जर कॉलेज (को-एड) के एन.सी.सी. कैडेट्स ने हथियार और रक्षा उपकरण प्रदर्शनी और बी.एम.पी. राइड ... एच.एम.वी. के स्नातकोत्तर विभाग मल्टीमीडिया द्वारा ‘मशीनैक्स - 2026’ एक्सपो का शैक्षणिक भ्रमण, डॉ. रोहन बौरी ने किया ऐतिहासिक डिफर्ड लाइव नेत्र शल्य उपचार, इनोसेंट हार्ट्स आई सेंटर को मिला राष्ट्... अब टोल नहीं चुकाने पर गाड़ी नहीं बेच पाएंगे मालिक, नहीं मिलेगा नेशनल परमिट भी, सुबह-सुबह पुलिस और लॉरेंस गैंग के गैंगस्टरों के बीच में चली गो-लियां, तीन को किया गिरफ्तार, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोने-चांदी की चमक बरकरार, सर्राफा बाजार के जानिए अपडेट्स मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एनएसयूआई के ‘चिट्टा मुक्त कैंपस’ कार्यक्रम का किया शुभारम्भ, सेंट सोल्जर ग्रुप के विद्यार्थियों ने पतंग उड़ाते समय प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल न करने का कड़ा मैसेज... पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर ने 7-दिवसीय एन एस एस स्पेशल कैंप का आयोजन किया, आईवी वर्ल्ड स्कूल में “ट्विस्ट द टेल” – बसंत पंचमी पर पतंग निर्माण गतिविधि का रंगारंग आयोजन, रचनात्म...
Translate

UPI पेमेंट में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी, एक्टिव क्यूआर कोड की संख्या पहुंची करोड़ों में

UPI payments record growth active QR codes in India

PTB Business न्यूज़ मुंबई : भारत में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है और अब रोजमर्रा की खरीदारी में खासकर दुकानों पर लोग इसका ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। जुलाई से सितंबर के बीच UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) माध्यम से 59.33 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जो पिछले साल के मुकाबले 33.5 प्रतिशत ज्यादा है। इस अवधि में कुल 74.84 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत ज्यादा है।

.

.

यह वृद्धि देश में डिजिटल पेमेंट्स के तेजी से बढ़ने को दिखाता है। वर्ल्डलाइन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब 70.9 करोड़ सक्रिय यूपीआई QR कोड हो गए हैं। यह संख्या जुलाई, 2024 से अब तक 21 प्रतिशत बढ़ी है। इन QR कोड्स का इस्तेमाल अब किराना दुकानों, दवाइयों की दुकानों, बस-रेलवे स्टेशनों और गांवों तक पहुंच चुका है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, UPI का इस्तेमाल अब दुकानों पर भुगतान (पीटूएम– पर्सन टू मर्चेंट) के लिए ज्यादा हो रहा है।

.

यह भी पढ़ें : देश के टोल प्लाजा से गुजरने वाले करोड़ों वाहन चालकों को मिलेगी बड़ी राहत, देशभर में लागू होगा ‘फ्री फ्लो’ सिस्टम, नितिन गडकरी ने किया ऐलान

.

दुकानों पर होने वाले लेन-देन में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो कि 37.46 अरब ट्रांजैक्शन तक पहुंच गई है। लोगों के बीच होने वाले लेन-देन (पीटूपी– पर्सन टू पर्सन) में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो कि 21.65 अरब ट्रांजैक्शन तक पहुंच गई है। हालांकि अगर हम एक ट्रांजैक्शन की औसत रकम देखें तो वह घटकर 1,262 रुपए रह गई है, जो पहले 1,363 रुपए थी।

.

इसका मतलब यह है कि लोग अब UPI का ज्यादा इस्तेमाल छोटी-मोटी खरीदारी जैसे खाना, यात्रा, दवाइयां और अन्य रोजमर्रा की चीजों के लिए कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों की संख्या भी बढ़ी है। ये मशीनें अब 35 प्रतिशत बढ़कर 12.12 मिलियन हो गई हैं। हालांकि, भारत क्यूआर की संख्या में थोड़ी कमी आई है, क्योंकि लोग अब यूपीआई क्यूआर कोड का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।

.

यह भी पढ़ें : चांदी ने रचा इतिहास, ₹2 लाख के हुई पार, 1 से 2 लाख पहुंचने में लगे मात्र 9 महीने,

.

इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से होने वाले लेन-देन में भी बदलाव आया है। क्रेडिट कार्ड से लेन-देन में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डेबिट कार्ड से लेन-देन में 22 प्रतिशत की कमी आई है, क्योंकि लोग अब छोटी रकम के लेन-देन के लिए यूपीआई का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। मोबाइल और टैप आधारित पेमेंट्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर शहरों में और मेट्रो, टैक्सी जैसी सेवाओं में लोग अब

.

बिना कार्ड स्वाइप किए मोबाइल से पेमेंट करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आने वाले समय में भारत में यूपीआई का इस्तेमाल और भी बढ़ने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड को आम इस्तेमाल में लाया जाएगा, जिससे लोग पेट्रोल पंप, अस्पतालों, सार्वजनिक सेवाओं और यात्रा जैसे स्थानों पर एक ही क्यूआर कोड से पेमेंट कर सकेंगे।

Latest News