PTB Big न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : नगर निगम की सत्ता पर काबिज कांग्रेस पार्टी का कार्यकाल समाप्त होने में करीब कुछ ही हफ्तों का समय बचा है, ऐसे में वार्डबंदी को लेकर “आप” पार्टी अभी उलझन में है, हालाँकि आप पार्टी के ग्रुप में डेल गए एक मेसेज से पार्षद पद की दावेदारी ठोकने वाले उम्मीदवारों में भी काफी खलबली मची हुई है, जिसमें साफ लिखा गया है कि अब वार्डबंदी नहीं होगी वहीं नगर निगम के चुनाव कब होंगे अभी इसके बारे में भी असमंजस बना हुआ है /
वहीं पंजाब में सत्ता में काबिज हो चुके आम आदमी पार्टी के नेता अभी तक तो यही दावा कर रहे थे कि नगर निगम चुनाव उनकी सरकार में समय पर होंगे, लेकिन वार्डबंदी सही ढंग से नहीं होने के कारण इन नेताओं के दावों की हवा भी निकल चुकी है, खासकर तब जब गुजरात में हुई करारी हार, चाहे आप पार्टी द्वारा गुजरात में चुनावों के समय प्रचार के लिए बहाये गए करोड़ों रूपये से सिर्फ पांच प्रत्याशी ही जीते पाए हों और हिमाचल प्रदेश के आए चुनाव परिणाम के बाद से इस समय सभी नेताओं की सिटी बिट्टी गुल हो चुकी है और कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है, आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश में तो आम आदमी पार्टी खाता खोलने में भी सफल नहीं हो सकी है /
आगे पढ़िए एक वार्ड ऐसा जहां पर “आप” पार्टी के दो दावेदार, दोनों ने लगाई वार्ड में बोडों की झड़ी…………,
दूसरी तरफ पंजाब विधानसभा चुनावों में 92 सीटें जीतकर रिकार्ड बहुमत के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से नगर निगम में काम लगभग ठप हो गया है / पूर्व निगम कमिश्नर करणेश शर्मा के बाद आए दो निगम कमिश्नरों के कार्यकाल में ठेकेदारों को भुगतान रुकने के कारण ठेकेदारों ने भी वार्डों में काम करने को तवज्जों देनी बंद कर दी / यही नहीं हाल यह है कि लोगों को लुभाने के लिए ज्यादातर सड़कें आधी अधूरी ही जिनको पेचवर्क कहा जाता है से तैयार किया जा रहा है ताकि लोगों को लगे की काम रुका नहीं है /
भले ही निगम कमिश्नर अभिजीत कपलिश के आने के बाद ठेकेदारों को उनके बिलों का काफी हद तक भुगतान हो गया है, लेकिन करीब 1 साल से विकास कार्य तो पूरी तरह से ठप्प होने के कारण शहर का बुरा हाल है, सत्ता में आने के बाद जो भी निर्माण कार्य सड़कों के हुए वह भी सिर्फ पुराने टेंडरों की बदौलत ही संभव हो सके, जो पूर्व विधायकों द्वारा उस समय की सरकार के समय पास करवाए गए थे / ऐसे में जहां कर्मी के बाद सर्दी का मौसम आ चूका है लोगों को इस सर्दी के मौसम में पड़ने वाली धुंध के समय कहीं सड़कें तो टूटी पड़ी सड़कों से होकर गुजरना पद रहा है, तो कहीं पीने के पानी की समस्या खड़ी है तथा कहीं पानी की निकासी का मुद्दे आज भी हल नहीं हो सका है /
वहीं आगे पढ़िए दो वार्डों में आप के ही कार्यकर्त्ता जिनको मिला था टिकट का विधानसभा चुनावों में ऑफर ठोक सकते हैं अपनी दावेदारी…….
आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ने के चाहवान नेता इन जनहित के मुद्दों को उठाने में फ़िलहाल पूरी तरह चुनाव आने से पहले नाकाम साबित हो रहे हैं / ऐसे में ये नेता नगर निगम के चुनावों में किस मुंह से जनता से अपने लिए वोट मांगेंगे यह देखना बहुत ही दिलचस्प होगा और सबसे हैरानी की बात तो यह है कि शहर में धड़ल्ले से निगम अधिकारीयों और मौजूदा दिग्गज नेताओं के संरक्षण में लगातार अवैध निर्माण हो रहे हैं और जिनको निगम के अधिकारीयों ने सील लगाई थी वह भी खुल चुकी हैं ऐसे में ये नेता प्रदेश में काबिज आम आदमी पार्टी के दम पर चुनाव जीतने की आस लगाए बैठे हैं /
वहीं हैरानी कि बात तो यह है कि विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले आम पार्टी वर्कर इस समय इतने निराशा हैं की वह अब यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं की निगम चुनाव आने पर पता चलेगा के कौन किस पर भरी होता है / इसका सबसे बड़ा कारण पैराशूट नेताओं की अचानक हुई एंट्री और दिग्गज नेताओं द्वारा सिफारशी चम्मचों की एंट्री का होना, जो ना तो वर्करों का फ़ोन उठाते हैं और ना ही सही तरिके से बात करते हैं और मोटे-मोटे यानि काली कमाई के ज्यादातर काम नेताओं को बिना बताये बाहर-बाहर से ही हो रहे हैं, और आम जनता को दे रहे हैं गोली………
वहीं विधानसभा चुनाव जीतने के लिए जिन कार्यकर्ताओं ने चाहे वो चुनावों के मौके पर पार्टी के साथ जुड़े और जोभी तरीका अपनाया गया हो चाहे दूसरी पार्टियों के बागी नेताओं के सहारे चुनाव जीता गया हो आज पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ने की आस लगाए बैठे पार्टी वर्करों में पैराशूट एंट्रियों के कारण हताशा का माहौल देखने को मिल रहा है, आपको यह भी बता दें कि जिस तरह से विधानसभा चुनावों के दौरान संजीव शर्मा जैसे आप पार्टी के नेताओं को खुडेलाइन लगा दिया गया, उसी तरह निकाय चुनावों में भी ऐसा होने के डर से पार्टी वर्कर सोचने पर मजबूर हो रहे हैं की आखिर में उनका क्या होगा जो इतनी शिद्दत से पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए वार्ड में मेहनत कर रहे थे, अब उनका भविष्य अंधकार में जाने लगा है जो उनको कतई मंजूर नहीं होगा, ऐसे में जल्द ही आप पार्टी के साथ कोई भी गद्दारी कब कर जाये यह देखना बहुत ही दिलचस्प निगम चुनावों से पहले होने वाला है /








































