PTB Exclusive न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : आज एक तरफ जहां पूरा देश नए साल के शुभारंभ यानी 2024 के आगमन की खुशियां मना रहा है। वहीं दूसरी ओर नए साल के शुभारंभ पर ही जालंधर शहर में एक ऐसा मामला सामने आया है की जिसके चर्चे पुरे शहर में हो रहे हैं, जिसकी जाँच और खुलासा खुलकर होना अभी बाकि है।
.दरअसल मामला जालंधर से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जहां बीते दिनों एक लड़का-लड़की का अर्धनग्न वीडियो वायरल होने की बात सामने आई है। इस वायरल वीडियो के बारे में पुलिस अधिकारीयों को पता चला है यह नहीं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है, लेकिन पता चला है कि इस मामले की भनक जालंधर के चुनिंदा कुछ मीडिया कर्मियों में से एक शातिर-चालाक पोर्टल मालिक को सबसे पहले लगी, जिसके बाद उसने उक्त वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लड़का-लड़की के परिजनों से सम्पर्क किया।
.सूत्रों की मानें तो शहर में इस बात को लेकर बवाल तब खड़ा हो गया जब, कुछ मीडिया कर्मियों को इस बात का पता लगा की उक्त पोर्टल मालिक फोटोग्राफर अपने कुछ साथियों के साथ ही मिलकर परिजनों से लाखों रूपये अन्य मीडिया कर्मियों के नाम पर लेकर सेटिंग कर गया है। वैसे तो थोड़ी से बात को लेकर मुद्दा उठाने वाले साजिश में शामिल मीडिया कर्मी जब इस मामले में बवाल उठने के बाद भी कुछ नहीं बोले तो शहर के अन्य मीडिया कर्मी इस बात को लेकर अंदर ही अंदर चर्चे करने लगे।
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सूत्रों की मानें तो यह पोर्टल मालिक बहुत ही शातिर चालाक है जो की कई बार माफ़ी मांग कर अपनी कई बार जान भी छुड़ा चूका है, लेकिन अपनी करतूतों से आज तक बाज नहीं आया और मीडिया साथियों के नाम पर कई बार पैसे लेकर कई मामलों में दबाने का काम कर चूका है, हालाँकि यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में असल में कौन-कौन शामिल है, हालाँकि पता चला है कि इस बार यह रकम मामला दबाने की एवज में 10 लाख में सेटिंग हुई है।
.सूत्रों का यह भी कहना है की इस मामले में कुछ पुलिस कर्मीं भी शामिल हैं जिन्होंने इस सारे मामले को दबाने में उक्त ब्लैकमेलर मीडिया कर्मियों का साथ दिया जिसकी एवज में उनको भी 5 लाख तक की ऑफर हुई है, इसकी हम प्रमाणिकता नहीं दे सकते लेकिन यह मामला पंजाब के DGP IPS Gaurav Yadav तक जालंधर के ही एक पत्रकार द्वारा उनको टैग कर पहुंचने के बाद इस मामले में शामिल उक्त मीडिया कर्मियों के खिलाफ सख्त करवाई करने का इशारा भी किया गया है।
.आपको यह भी बता दें कि एक तरफ पंजाब की भगवंत मान सरकार जोकि पूरी ईमानदारी के साथ जीरो टॉलरेंस रिश्वत ना लेने की पुलिस अधिकारियों को नसीहत देती आ रही है, लेकिन इसके अंदर बैठे कुछ चुनिंदा घूसखोर पुलिसकर्मी ऐसे मामलों को दबाने के लिए पैसे लेकर आप की सरकार को ही ठेंगा दिखने का काम कर रहे हैं। हालांकि यह मामला कब का है कितने दिनों का है इसके बारे में कुछ भी पता नहीं चल पाया है।
.सूत्रों और मीडिया में चल रही चर्चाओं से अंदेशा यह लग रहा है कि यह मामला कुछ दिन पहले का हो सकता है और जब यह मामला अन्य मीडिया कर्मियों को पता लगा तो इस मामले में उनको भी चुप रहने की ही हिदायत दी गई थी, हालांकि यह सब जांच के विषय हैं अगर डीजीपी पंजाब आईपीएस गौरव यादव, जालंधर के पुलिस कमिश्नर आईपीएस स्वपन शर्मा और से लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मामले में पूरी तरह से हस्तक्षेप करने तो यह मामला बड़े स्तर पर उजागर हो सकता है और मीडिया में बैठी ऐसी काली भेड़ों का पर्दाफाश हो सकता है जो अन्य ईमानदार छवि के पत्रकारों को भी बदनाम करने का काम कर रहे हैं।
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