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हिमाचल में एक साथ 20 कंपनियों पर पड़ी पुलिस की रेड,

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PTB Big न्यूज़ शिमला : हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सख्त निर्देश के बाद राज्यव्यापी नशे के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य औषधि विभाग ने एक संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान प्रदेश भर में कुल 20 दवा निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की गई। इस रेड में चार कंपनियों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को बंद इकाइयों में अवैध तरीके से निर्माण करने,

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प्रतिबंधित व नशे में उपयोग होने वाली दवाएं का निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते डीजीपी अशोक तिवारी के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के छह जिलों ऊना, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, नूरपुर (पुलिस जिला) और बद्दी (पुलिस जिला) में स्थित 20 दवा निर्माण इकाइयों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इसमें ऊना में 2, बिलासपुर में 2, सोलन में 4, सिरमौर में 1, पुलिस जिला नूरपुर में 1 और

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पुलिस जिला बद्दी की 10 कंपनियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य पांच इकाइयों को निरीक्षण नोटिस जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार अभियान बंद, स्थायी/अस्थायी रूप से निलंबित और समर्पित लाइसेंस वाली दवा निर्माण इकाइयों पर केंद्रित था। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिबंधित और नकली दवाओं के अवैध निर्माण व तस्करी पर रोक लगाना था। निरीक्षण के दौरान इकाइयों के लाइसेंस की पुष्टि, दस्तावेजों की जांच, स्टॉक ऑडिट और भौतिक निरीक्षण किया गया।

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कई इकाइयों के गोदामों व निर्माण क्षेत्रों की तलाशी भी ली गई। सरकार व सुरक्षा एजेंसियों को सूचनाएं मिली थीं कि कुछ बंद या निलंबित इकाइयों का उपयोग चोरी-छिपे नकली दवाएं, फेक ब्रांडेड दवाएं और मनो-संवेदी पदार्थों के निर्माण के लिए किया जा रहा है। इसी जानकारी के आधार पर यह व्यापक कार्रवाई की गई। हिमाचल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह नशे और अवैध दवाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है।

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