PTB Big Political न्यूज़ जालंधर : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो शेयर कर देश भर में फल-फूल रहे नकली दूध और डेयरी उत्पादों के माफिया का पर्दाफाश कर हड़कंप मचा दिया है। चन्नी ने दावा किया कि बाजार में उपलब्ध लगभग 70% दूध और 80% पनीर नकली है, जो यूरिया, डिटर्जेंट और हानिकारक रसायनों से तैयार किया जा रहा है।
.उन्होंने स्वयं मिक्सी में यूरिया और पानी मिलाकर नकली दूध बनाकर दिखाया, जो उबालने पर भी असली दूध जैसा ही प्रतीत होता है। चन्नी ने इसे ‘इरादतन हत्या’ के समान बताते हुए सख्त कानून और मौके पर दूध टेस्टिंग की सुविधा अनिवार्य करने की मांग की है। चन्नी ने अपनी वीडियो में बताया कि वे पिछले काफी समय से गांवों का दौरा कर डेयरी क्षेत्र की गिरावट पर अध्ययन कर रहे थे। उन्होंने पाया कि पशुपालकों को दूध का सही भाव नहीं मिल रहा,
. .जिसके कारण लोग पशु रखना छोड़ रहे हैं। सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के अनुसार, यह नकली दूध इतना खतरनाक है कि इसमें डिटर्जेंट (कपड़े धोने वाला सर्फ) तक मिलाया जाता है ताकि झाग और फैट असली जैसा दिखे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब माताएं अपने बच्चों को यह सोचकर दूध पिलाती हैं कि वे उन्हें ताकतवर बना रही हैं, तो असल में वे उन्हें गंभीर बीमारियां परोस रही होती हैं। वीडियो में सांसद ने बताया कि आज स्थिति यह है कि
.अगर आप किसी डेयरी पर दोपहर के समय भी 10 क्विंटल दूध मांगेंगे, तो वे तुरंत उपलब्ध करा देते हैं, जबकि उस समय गाय-भैंसों का दूध निकालने का समय नहीं होता। यह अतिरिक्त दूध पूरी तरह लैब में तैयार किया जा रहा है। इस नकली दूध की प्रचुरता के कारण असली दूध पैदा करने वाले किसानों को सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने मौजूदा कानूनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में पकड़े जाने पर केवल ₹12,000 जैसा मामूली जुर्माना
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.होता है, जिसे माफिया आसानी से भरकर फिर से वही काम शुरू कर देते हैं। चन्नी ने मांग की है कि इस अपराध के लिए कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए। पशुपालन समिति के चेयरमैन के नाते चन्नी ने बताया कि वे एक ऐसी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं जो इस माफिया की कमर तोड़ देगी। उन्होंने सुझाव दिया कि हर दूध बूथ और डेयरी पर एक ऐसी टेस्टिंग मशीन होनी चाहिए, जिससे मात्र ₹1 के खर्च पर उपभोक्ता खुद चेक कर सके कि दूध में यूरिया या डिटर्जेंट तो नहीं है। उनका तर्क है कि यदि नकली दूध की सप्लाई रुक जाए, तो असली दूध की मांग बढ़ेगी।
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