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जनगणना के दौरान परिसीमन असंवैधानिक: भाजपा पंजाब ने किया राज्यपाल से हस्तक्षेप का आग्रह,

BJP Punjab leaders address media on delimitation during census

PTB Big Political न्यूज़ चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी, पंजाब का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल—जिसका नेतृत्व अश्वनी शर्मा, विधायक एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ने किया—आज राजभवन में पंजाब के माननीय राज्यपाल से मिला और राज्यभर में नगर निगमों व नगर परिषदों के लिए पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे मनमाने, जल्दबाज़ी वाले और अवैध वार्ड परिसीमन के विरुद्ध तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

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भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि वर्तमान वार्ड परिसीमन प्रक्रिया अत्यधिक जल्दबाज़ी में, बिना पारदर्शिता के और वैधानिक नियमों व संवैधानिक सिद्धांतों के घोर उल्लंघन के साथ की जा रही है। ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया कि कोई समुचित घर-घर जनसंख्या सर्वेक्षण नहीं किया गया है तथा प्रस्तावित वार्डों में शहरी स्थानीय निकायों के स्तर पर जनसंख्या में अस्वाभाविक और अस्पष्ट गिरावट दिखाई दे रही है, 

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जिससे प्रयुक्त आंकड़ों की प्रामाणिकता पर गंभीर संदेह उत्पन्न होता है। प्रतिनिधिमंडल ने निरंतरता और सन्निकटता (कॉन्टिग्युइटी) के सिद्धांतों के गंभीर उल्लंघन की ओर भी ध्यान दिलाया, जहां भौगोलिक रूप से असंबद्ध क्षेत्रों को मनमाने ढंग से एक साथ जोड़ दिया गया है। साथ ही, आरक्षण मानदंडों के दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई गईं—जहां कम अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग (एससी/बीसी) आबादी वाले वार्डों को आरक्षित कर दिया गया है, 

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जबकि अधिक एससी/बीसी आबादी वाले क्षेत्रों को सामान्य घोषित किया गया है। महत्वपूर्ण रूप से, भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने 16वीं जनगणना के संदर्भ में जारी जनगणना अधिसूचनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिनमें जनगणना संचालन के दौरान नगरपालिका और वार्ड सीमाओं को स्थिर (फ्रीज़) रखने का स्पष्ट निर्देश है—और ये अधिसूचनाएं स्वयं राज्यपाल के अधिकार के अंतर्गत जारी की गई हैं। 

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इसके बावजूद, पंजाब सरकार इन निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए परिसीमन आगे बढ़ा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे स्थानीय निकाय विभाग से संपूर्ण अभिलेख तलब करें और राज्य सरकार को जनगणना अधिसूचनाओं, वैधानिक प्रावधानों तथा संवैधानिक मानदंडों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दें, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों और पंजाब की जनता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

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इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोरंजन कालिया, पूर्व सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, प्रदेश महामंत्री परमिंदर सिंह ब्रार, कोर कमेटी सदस्य एवं पूर्व विधायक केवल ढिल्लों, पूर्व विधायक फतेह सिंह बाजवा, प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी, प्रदेश विधि प्रकोष्ठ प्रमुख एन. के. वर्मा तथा रंजीत गिल आदि शामिल थे।