PTB City News जालंधर : भ्रष्टाचार के खिलाफ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा एक्शन लिया है। एंटी करप्शन एक्शन हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद जालंधर की तहसील में काम करने वाली क्लर्क मीनू के खिलाफ नौकरी दिलवाने के नाम पर 4 लाख 80 हजार की रिश्वत लेने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है। सीएम आफिस की ओर से प्रारंभिक जांच में उस पर लगे आरोप सही पाए गए थे। इस बीच मीनू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पता चला कि आरोपित मीनू ने किसी को नौकरी दिलवाने के नाम पर 4.80 लाख की रिश्वत ली है। यह बात सामने आने पर सीएम ऑफिस से सिफारिश आई कि उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। जब विजिलेंस की टीम उसे उठा कर ले गई तो पता चला कि वह 2 माह की गर्भवती है। उसकी तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।वीरवार को तहसील में काम करने वाली मीनू नामक महिला कर्मचारी को भ्रष्टाचार के एक मामले में विजिलेंस ने जांच के लिए राउंडअप किया था।
मीनू के खिलाफ विजिलेंस को कई शिकायतें मिली थी। शिकायतें देने वालों ने मीनू के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। आरोप था कि वहां पर काम करवाने आने वाले लोगों से मीनू रिश्वत लेती है। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने उसे राउंडअप कर विजिलेंस थाने ले आई। वहां पर देर शाम पूछताछ के दौरान उसकी हालत बिगड़ी तो पता चला कि वह दो माह की गर्भवती है। ऐसे में विजिलेंस की टीम ने उसे सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड में दाखिल करवा दिया और बाहर गार्द तैनात कर दी।
इस संबंध में डा. हरवीन कौर का कहना था कि विजिलेंस टीम मीनू को लेकर आई थी। जांच में मीनू दो माह की गर्भवती निकली। डाक्टर ने बताया कि मानसिक दबाव के चलते मीनू की हालत बिगड़ गई थी। उसका इलाज किया जा रहा है। उसके ठीक होने पर विजिलेंस टीम अपनी कार्रवाई करेगी। मीनू पहले सिविल अस्पताल में कच्चे कर्मचारी के रूप में काम करती थी।





































