PTB News

Latest news
Stock Market में गर्मी में इन पावर कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त देखने को मिलेगा उछाल, देखें Top पा... Good News भारत के लिए, Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरेंगे भारतीय जहाज, जाने कैसे? पीठ दर्द और कमजोर पाचन से परेशान लोग करें रोजाना उष्ट्रासन का अभ्यास, Trump's Big Statement : जब चाहे खत्म कर दूंगा ईरान के साथ जंग, बोले, ईरान में टारगेट बनाने के लिए अब... आम आदमी पार्टी के मौजूदा सरपंच से बरामद हुई 90 करोड़ की हेरोइन, राजनितिक गलियारे में शुरू हुई चर्चा, पी सीएम एस डी कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर के आई-सोशल क्लब ने आर्टिकल राइटिंग कॉम्पिटिशन रखा, एचएमवी में एआई-सक्षम दवा शोध और सटीक स्वास्थ्य सेवा : विज्ञान और प्रौद्योगिकी का सेतु विषय पर डीएसटी... इनोसेंट हार्ट्स के नन्हे ग्रेजुएट्स ने यू.के.जी ग्रेजुएशन समारोह में बढ़ाया एक बड़ा कदम, एक तरफ Share Market में हाहाकार, तो दूसरी तरफ आखिर क्यों बढ़ा ATGL का शेयर 16% तक, जाने इसके पीछे की ... सेंट सोल्जर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के छात्रों ने यूनिवर्सिटी रिजल्ट में चमक बिखेर...
Translate
[gtranslate]

भगवंत मान कर रहे हैं पंजाब की नदियों का पानी हरियाणा को बेचने की तैयारी : अकाली दल

Political controversy over Punjab river water to Haryana

PTB Big Political न्यूज़ चंडीगढ़ : शिरोमणी अकाली दल ने आज मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आधुनिक समय के दरबारा सिंह (पूर्व कांग्रेस मुख्यमंत्री) की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए पंजाब के जल अधिकारों से समझौता कर रहे हैं। यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता स. परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा कि जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री दरबारा सिंह ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के इशारे पर

.

पंजाब के जल अधिकारों से समझौता किया था , ठीक उसी तरह मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने बाॅस अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर राज्य का पानी हरियाणा को देने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री से यह सवाल पूछते हुए अकाली नेता ने कहा कि उन्होने यह क्यों नही कहा कि राज्य के पास एक भी बूंद देने के लिए नही बचा है, सरदार परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा,‘‘ इससे स्पष्ट है कि पंजाब में आप सरकार हमारी नदियों का पानी हरियाणा को देने की तैयारी कर रही है।’’

.

उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह कहकर इस बात पर मुहर लगा दी कि,‘‘ पहले हमें यह तय करने दीजिए कि कितना पानी देना है, उसके बाद हम सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर बनाएंगें।’’ इस बात पर जोर देते हुए कि अकाली दल इस साजिश को कतई सफल नही होने देगा, अकाली नेता ने कहा,‘‘ हम पंजाब से पानी की एक भी बूंद हरियाणा में नही बहने देंगें।’’

.

यह भी पढ़ें : पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने CM मान को दिया करारा जवाब,

उन्होने कहा कि अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगली अकाली दल सरकार राजस्थान नहर में पानी का प्रवाह रोककर पंजाब के खेतों की ओर मोड़ेगी और राज्य के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को दूर करेगी। सरदार रोमाणा ने यह भी साफ किया कि पंजाब और हरियाणा के बीच नदी जल विवाद को हल करने का केवल रिपेरियन सिद्धांत ही है। उन्होेने कहा कि इस सिद्धांत के अनुसार पंजाब में बहने वाले पानी का स्वामी केवल पंजाब है।

.

उन्होने आगे कहा,‘‘ इसी सिद्धांत के आधार पर राजस्थान को नर्मदा नदी का पानी देने से इंकार किया । उन्होने कहा कि एक ही देश में दो कानून नही हो सकते।’’ हरियाणा के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पंजाब के हितों को बेचने के अपनी सरकार के फैसले को समझाने के लिए धार्मिक उपमाओं को तोड़ -मरोड़कर पेश करने की कड़ी निंदा करते हुए सरदार रोमाणा ने कहा कि

.

यह भी पढ़ें : पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के घर रेड:ED व इनकम टैक्स की रेड,

मुख्यमंत्री ने भाई कन्हैया का उदाहरण दिया जो युद्ध के मैदान में दुश्मनों को पानी पिलाते थे,सच्चाई यह है कि भाई कन्हैया ने न सिर्फ अपने भाइयों बल्कि दुश्मनों को भी पानी पिलाया। उन्होने कहा,‘‘ मुख्यमंत्री को पता होना चाहिए कि हमारे गुरु साहिबाने ने हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया है। हम आपको हमारे नदी अधिकरों को छीनने के लिए झूठी कहानी गढ़ने की बिल्कूल भी अनुमति नही देंगें।’’

.

सरदार रोमाणा ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा फैलाए गए झूठ के विपरीत कि एसवाईएल की समस्या ‘बुजूर्गों’ द्वारा पैदा की गई थी और वे इसे सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, सच्चाई यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल ने 1979 में पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धारा 78 की वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक मामला दायर किया था, जिसे बाद में दरबारा सिंह की अगुवाई वाली सरकार ने वापिस ले लिया था।

.

उन्होने कहा कि 2016 में मुख्यमंत्री के रूप में सरदार बादल ने एसवाईएल नहर के निर्माण वाली जमीन को निरस्त करके किसानों को वापिस लौटाकर आगे कदम बढ़ाया था। उन्होने कहा कि श्री भगवंत मान एक ऐसे मुददे को दोबारा खोलने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे बंद कर दिया गया है। उन्हे मुझे बताना चाहिए कि क्या वह अब हवा में एसवाईएल नहर का निर्माण करेंगें?

.

यह भी पढ़ें : सियासत का ‘दादा’ हुए मौन, शपथ से लेकर चुनाव चिह्न की जंग तक, पढ़िए ‘दादा’ से जुड़े किस्से,

अकाली नेता ने साफ किया कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल 2017 से ही पंजाब का पानी हरियाणा और दिल्ली को सौंपने पर तुले हुए हैं और इस संबंध में उन्होने बयान भी दिए हैं और सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा भी दायर किया है। उन्होने कहा,‘‘ वे जितनी कोशिश कर सकते हैं कर लें, परंतु अकाली दल उनकी साजिश को हरगिज सफल नही होने देगा।