PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया को क्षत्रिय करणी सेना ने धमकी दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने सोशल मीडिया पर लिखा- सुन रे गुलाबचंद, तेरी औकात में रह, और हमारे महाराणा प्रताप का अपमान तू पहले भी कर चुका है। अब फिर क्या है? करणी सैनिकों, मारो रे इसे जब और जहां मिले। तीन दिन पहले गुलाबचंद कटारिया ने उदयपुर के गोगुंदा में महाराणा प्रताप को लेकर बयान दिया था। जिसका विरोध शुरू हो गया है।
. .कुछ लोग कटारिया के बयान पर नाराजगी जताते हुए पोस्ट का समर्थन करते दिख रहे हैं। अभी तक गुलाबचंद कटारिया ने इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। भास्कर ने गुलाबचंद कटारिया से बात की तो उन्होंने इस मामले पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। उदयपुर के पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने कहा- मामला अभी जानकारी में आया है, पुलिस मामले की जांच कर रही है। 22 दिसंबर को गुलाबचंद कटारिया गोगुंदा की धूली घाटी में एक शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
.जहां उन्होंने महाराणा प्रताप पर एक विवादित बयान दिया। गुलाबचंद कटारिया ने कहा था-महाराणा प्रताप का नाम आप कांग्रेस के राज में सुनते थे। इस महाराणा प्रताप को पहली बार जिंदा करने का काम जनता पार्टी ने किया। पहली बार विधायक भूरा भाई MLA बनकर आए थे और पहली विधानसभा में सरकार बनाई थी। तब हमने विकास का पैसा गोगुंदा में भेजा था या नहीं? अब हल्दीघाटी भी जानी जाती है, पोखरगढ़ भी जाना जाता है, और चावंड भी जाना जाता है।
. .मायरे की गुफा थी कि नहीं? तुम्हें इतने साल दिखती थी? हमने सड़क बनाई, रास्ते बनाए। उदय सिंह जी की छतरी यहां बनाई। इस बात को कौन याद रखता है? हम लोगों का काम करने का तरीका जनता के लिए है, हमारे लिए नहीं है। आपका पैसा आप तक पहुंचाते हैं। हम टांका नहीं मारते हैं, सही पहुंचाते हैं। गुलाबचंद कटारिया ने आगे कहा था- बाप पार्टी पर निशाना साधते हुए कटारिया ने कहा था कि वो कहते हैं कि हिंदू नहीं हैं। तो तू कहां से आया रे, महाराणा प्रताप की सेना में?
.अगर तू यहां का आदिवासी नहीं होता, भीलू राणा नहीं होता तो क्या राणा युद्ध लड़ सकता था? तुम क्यों बरगला रहे हो, अपने स्वार्थ के कारण? देश को कमजोर करना चाहते हो। अगर ऐसे फूट डालकर राज करोगे तो तुम भी बर्बाद हो जाओगे, याद रखना। ये कुछ दिन अच्छा लगेगा, लेकिन बाद में रोओगे माथा पकड़कर के कि हमने बर्बाद कर दिया। अच्छे काम करो न। बराबरी की दौड़ लगाओ न, ऐसे खोटे कर्म करके क्यों मरना चाहते हो?
. .आजकल के नौजवानों को क्या हो गया है? शिक्षा हम पहुंचा रहे हैं, नौकरी हम दे रहे हैं, विकास हम कर रहे हैं, योजना हम ला रहे हैं। वो कह रहे हैं हम अलग हैं, वो क्या अलग हैं? मुझे बहुत दुख होता है, कैसे समझाएं आपको। जिसको मानते हो, उसकी सौगंध है। राम धर्म से ताकड़ी (तराजू) में तोल से देना सिख जाओ। ईमानदारी से करना सीखो। 1 दिन के चमाचम और दारू पीने से देश का भला नहीं होगा। देश का भला अपनी अक्ल से होगा।”










































