PTB News

Latest news
डेंटल कॉलेज शिमला का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला होगा: मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्रीमती मनोरमा मेयर के निमित्त प्रार्थना सभा में अर्पित भावभीनी श्रद्धांजलि, एचएमवी ने जीएनडीयू दीक्षांत समारोह में 29 स्वर्ण पदक प्राप्त कर रचा नया इतिहास, श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा लंगर सेवा का आयोजन, 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को उठा ले गई दिल्ली पुलिस, पहुंचाया अस्पताल, अभिजीत दीपके ... ₹4 करोड़ फिरौती मामले में पंजाब पुलिस के SHO को किया गिरफ्तार स्टूडेंट्स ऑफ़ सेंट सोल्जर ग्रुप ने नीट 2026 में शानदार प्रदर्शन कर संस्थान का नाम किया रोशन, इनोसेंट हार्ट्स के निलेश दत्ता ने नीट (यूजी)-2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1305 प्राप्त कर विद्यालय ... PM मोदी ने हरियाणा से देश को समर्पित की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलती बस में लगी भीषण आग, ड्राइवर की सूझबूझ से 30 यात्रियों की बची जान

पेट्रोल-डीजल की अफवाहों को फैलाने वालों को लेकर सरकार ने शुरू किया बड़ा एक्शन,

Government action against petrol diesel fake news India fuel rumors

.

PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसे ऊर्जा संसाधनों को लेकर फैल रही अफवाहों पर सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। इन अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार अब आपत्तिजनक और भ्रामक कंटेंट हटाने की समय सीमा घटाकर 3 घंटे से 1 घंटा करने पर विचार कर रही है।

.

.

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तेजी से फैल रही अफवाहों को देखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है। कंपनियों के साथ अंतिम चर्चा के बाद इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी किए जाएंगे। इससे पहले फरवरी में IT मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधन का नोटिफिकेशन जारी किया था। इन बदलावों के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट हटाने की समय सीमा पहले के 24-36 घंटे से घटाकर 2-3 घंटे कर दी गई थी।

.

यह भी पढ़ें : सरकार की आम लोगों से अपील, ‘न डरें, न घबराएं…तेल और गैस का है पूरा भंडार, सरकार ने जारी किया ताजा अपडेट

.

सरकार सोशल मीडिया कंटेंट मॉनिटरिंग को और मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसमें ‘अश्लील’ कंटेंट की नई परिभाषा तय करना और कुछ नए ‘नो-गो’ (वर्जित) क्षेत्रों को शामिल करने की योजना है। साथ ही आईटी अधिनियम की धारा 79 (3)(b) के तहत कंटेंट ब्लॉक करने की प्रक्रिया को और व्यापक बनाने की तैयारी है। वर्तमान में इसका प्रबंधन गृह मंत्रालय के ‘सहयोग’ पोर्टल के जरिए किया जाता है।

.

यह भी पढ़ें : डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद ईरानी विदेश मंत्रालय ने मानी अमेरिका से वार्ता की बात, क्या कहा?

.

सरकार का कहना है कि ये कदम केवल अवैध और भ्रामक कंटेंट पर कार्रवाई के लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यूजर्स से मिले फीडबैक में यह सामने आया था कि पहले की समय सीमा काफी लंबी थी और इससे वायरल हो रहे कंटेंट को समय पर रोकना मुश्किल हो जाता था। अब उम्मीद की जा रही है कि नई समय सीमा से अफवाहों पर तेजी से नियंत्रण पाया जा सकेगा।

.

यह भी पढ़ें : Supreme Court ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, कहा धर्म बदलते ही खत्म हो जाएगा SC/ST दर्जा,