PTB Big न्यूज़ जालंधर : जालंधऱ इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की 21 स्कीमों वाली गायब हुई 120 फाइलों को लेकर सुबह के समय जालंधर के जिलाधीश घनश्याम थोरी द्वारा अपने पत्र में लिखा था कि जो फाइलें गुम हुई हैं वह बेहद अहम हैं और इनके न मिलने से कई रिकॉर्ड का लेखा-जोखा नहीं मिलाया जा सकेगा।
इससे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। जिलाधीश घनश्याम थोरी ने पुलिस कमिश्नर से इस संबंध में दलजीत सिंह आहलूवालिया और अजय मल्होत्रा पर बनती धाराओं के तहत केस दर्ज करने के लिए कहा था, लेकिन हैरानी वाली बात तो यह है कि शाम होते-होते इन गुम हुई फाइलों में से अधिकतर फाइलें ट्रस्ट के स्टोर से मिलनी शुरू हो गई हैं /
हैरानी वाली बात तो यह है कि जिन फाइलों के गुम होने की दावा जालंधऱ इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के EO परमिंदर सिंह गिल कर रहे थे वह अब झूठा साबित निकला है। आपको यह भी बता दें कि EO परमिंदर सिंह ने ही जिलाधीश घनश्याम थोरी को पत्र लिख कर कहा था कि स्कीम वाली फाइलें गायब हो चुकी हैं और इसके बाद ही जिलाधीश ने FIR दर्ज करने के लिए पुलिस कमिश्नर जालंधर को पत्र द्वारा सिफारिश की थी।
आपको यह भी बता दें कि ट्रस्ट के स्टोर से अधिकांश फाइलें शाम ढलते-ढलते मिल गई हैं और बाकि फाइलों को भी ढूंढा जा रहा है। आपको यह भी बता दें कि आरोप था कि यह फाइलें सीनियर सहायक अजय मल्होत्रा, जोकि तत्कालीन ट्रस्ट चेयरमैन दलजीत सिंह आहलूवालिया के OSD के तौर पर काम कर रहे थे, ने रिकॉर्ड से निकलवा कर आहलूवालिया के आफिस में पहुंचाई थीं,
यह भी आरोप है कि यह फाइलें तत्कालीन चेयरमैन तक तो पहुंचाई गईं, लेकिन वापिस रिकॉर्ड में जमा नहीं हुई। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में ट्रस्ट बाकि की बची हुई अन्य फाइलों को कितने समय में ढूंढ निकालता है ताकि जिलाधीश द्वारा पुलिस कमिश्नर को भेजे गए FIR दर्ज करने वाले सिफारिश पत्र से बचा जा सका /





































