PTB Big न्यूज़ जालंधर : पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी अनुबंध कर्मचारी यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल 9 जुलाई से 11 जुलाई तक चलेगी, जिसके कारण राज्य की सड़क परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
. .आपको बता दें कि हड़ताल के कारण 3000 से अधिक सरकारी बसों को सड़कों से हटा लिया गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वे इन तीन दिनों में बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस हड़ताल में न सिर्फ पीआरटीसी पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन, बल्कि किसान संगठनों, सीटीयू हिमाचल और अन्य प्रमुख संगठनों ने भी समर्थन दिया है।
.यूनियन की मुख्य मांगें हैं:–
–ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए
–कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए
–यूनियन का आरोप है कि सरकार लगातार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जिससे मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ा है। हालांकि कुछ बसें स्थायी ड्राइवरों के माध्यम से चलाई जा रही हैं, लेकिन हर डिपो से बहुत ही सीमित संख्या में बसें चल रही हैं, जो यात्रियों की भीड़ को संभालने में नाकाफी हैं।
. .प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक परिवहन साधनों का प्रयोग करने और यात्रा से पहले संबंधित बस स्टैंड से जानकारी प्राप्त करने की अपील की है। साथ ही, लोगों से सुरक्षित यात्रा और अनावश्यक भ्रमण से बचने का आग्रह किया गया है। फिलहाल, राज्य सरकार की ओर से इस हड़ताल को लेकर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ संवाद की कोशिश कर रहा है ताकि समस्या का जल्द समाधान निकाला जा सके।








































