PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : विजिलेंस ब्यूरो अब कांग्रेस के एक और बड़े नेता की घेराबंदी करने में जुटा हुआ है। सूत्रों की मानें तो 65 लाख के स्ट्रीट लाइट घोटाले में जल्द ही कैप्टन संदीप संधू को किसी भी समय नामजद किया जा सकता है। विजिलेंस ने इस मामले में मंगलवार को दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद बुधवार को ग्रामीण विकास अधिकारी तेजा सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
ये तीनों ही संधू के नजदीकी हैं और बताया जा रहा है कि इन्हीं के सहारे विजिलेंस संदीप संधू तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इससे पहले विजिलेंज ने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में प्लाट आवंटन घोटाले में पूर्व चेयरमैन रमन बाला सुब्रामण्यम के खिलाफ केस दर्ज किया था और फिर अनाज ढुलाई घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को गिरफ्तार किया है।
इस प्रकार अब कांग्रेस के तीसरे बड़े नेता के खिलाफ विजिलेंस जांच चल रही है। विजिलेंस के हाथ में कई अहम सबूत भी लग गए हैं और इसके आधार पर कार्रवाई हो सकती है। सिधवां बेट बलाक के 26 गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए 65 लाख रुपये जारी हुए थे। आरोप है कि बीडीपीओ सतविंदर सिंह ने अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज के मालिक गौरव शर्मा के साथ मिलीभगत से गबन करने के लिए
3,325 रुपये के दाम वाली लाइटों को 7,288 रुपये प्रति लाइट की दर से खरीदी थीं। इसका भुगतान भी कर दिया गया, मगर गांवों में लाइटें लगी ही नहीं। यही नहीं, बिना लाइट लगाए ही काम होने का सर्टीफिकेट भी दे दिया था। विजिलेंस की तरफ से इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मंगलवार को बीडीपीओ सतविंदर सिंह कंग, गौरव शर्मा व ब्लाक समिति अध्यक्ष लखविंदर सिंह को नामजद किया था।








































