.
PTB News “धार्मिक” spiritual vrat tyohar celebration of hindu religious festival mahashivaratri
इस तरह से शिव की पूजा करने से होगी आपकी सब मनोकामना पूरी, (पढ़ें और देखें पीटीबी न्यूज़ पर)
PTB न्यूज़ धार्मिक : शिव यानी कल्याणकारी, शिव अर्थात बाबा भोलेनाथ, शिव मतलब शिवशंकर, शिवशम्भू, शिवजी, नीलकंठ, रूद्र आदि, हिंदू देवी-देवताओं में भगवान शिव शंकर सबसे लोकप्रिय देवता हैं, वे देवों के देव महादेव हैं तो असुरों के राजा भी उनके उपासक रहे / आज भी दुनिया भर में हिंदू धर्म के मानने वालों के लिये भगवान शिव पूज्य हैं /
.
इनकी लोकप्रियता का कारण है इनकी सरलता / इनकी पूजा आराधना की विधि बहुत सरल मानी जाती है / माना जाता है कि शिव को यदि सच्चे मन से याद कर लिया जाये तो शिव प्रसन्ना हो जाते हैं / उनकी पूजा में भी ज्यादा ताम-झाम की जरूरत नहीं होती / ये केवल जलाभिषेक, बिल्वपत्रों को चढ़ाने और जागरण करने मात्र से मेहरबान हो जाते हैं /
.
कहते हैं कि महाशिवरात्रि में किसी भी प्रहर अगर भोले बाबा की आराधना की जाए, तो मां पार्वती और भोले त्रिपुरारी दिल खोलकर कर भक्तों की कामनाएं पूरी करते हैं / महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है / यह भगवान शिव के पूजन का सबसे बड़ा पर्व भी है / फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है / माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था /
.
प्रलय की बेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं, इसीलिए इसे महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि कहा गया / विश्वास किया जाता है कि तीनों लोकों की अपार सुंदरी तथा शीलवती गौरी को अर्धांगिनी बनाने वाले शिव प्रेतों और पिशाचों से घिरे रहते हैं /
.
उनका रूप बड़ा अजीब है / शरीर पर मसानों की भस्म, गले में सर्पों का हार, कंठ में विष, जटाओं में जगत-तारिणी पावन गंगा तथा माथे में प्रलयंकार ज्वाला उनकी पहचान है / बैल को वाहन के रूप में स्वीकार करने वाले शिव अमंगल रूप होने पर भी भक्तों का मंगल करते हैं और श्री-संपत्ति प्रदान करते हैं / यह दिन जीव मात्र के लिए महान उपलब्धि प्राप्त करने का दिन भी है /
.
शिव की महत्ता को ‘शिवसागर’ में और विस्तृत रूप में देखा जा सकता है / शिवसागर में बताया गया है कि विविध शक्तियां, विष्णु व ब्रह्मा, जिसके कारण देवी और देवता के रूप में विराजमान हैं, जिसके कारण जगत का अस्तित्व है, जो यंत्र हैं, मंत्र हैं, ऐसे तंत्र के रूप में विराजमान भगवान शिव को नमस्कार है /
.
पौराणिक कथा है कि एक बार पार्वतीजी ने भगवान शिवशंकर से पूछा, ‘ऐसा कौन-सा श्रेष्ठ तथा सरल व्रत-पूजन है, जिससे मृत्युलोक के प्राणी आपकी कृपा सहज ही प्राप्त कर लेते हैं?’ उत्तर में शिवजी ने पार्वती को ‘शिवरात्रि’ के व्रत का उपाय बताया / चतुर्दशी तिथि के स्वामी शिव हैं /
.
अत: ज्योतिष शास्त्रों में इसे परम शुभफलदायी कहा गया है / वैसे तो शिवरात्रि हर महीने में आती है / परंतु फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को ही महाशिवरात्रि कहा गया है / ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य देव भी इस समय तक उत्तरायण में आ चुके होते हैं तथा ऋतु परिवर्तन का यह समय अत्यन्त शुभ कहा गया है /
.
.
WhatsApp और telegram पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे WhatsApp नंबर 9815505203 / 9592825203 और telegram नंबर 9592825203 को अपने Mobile में Save करके हमारे नंबर पर अपना नाम और शहर लिखकर भेजें /
फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए www.facebook.com/ptbnewsonline/
PTB News “धार्मिक” spiritual vrat tyohar celebration of hindu religious festival mahashivaratri