PTB News

Latest news
विदेश में पढ़ाई करने का सुनहरा मौका, प्रसिद्ध इमीग्रेशन कल से पंजाब, चंडीगढ़ और जम्मू में आयोजित कर ... पंजाब-हिमाचल भाईचारे पर चिंता, CM सुक्खू से पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग : सुखजिंदर सि... पंजाबी ट्रक ड्राइवर को 75 साल की हुई कैद, नहीं मिलेगी 55 साल तक जमानत, जाने मामला पंजाब! मुल्तानी अस्पताल में हुआ धमाका, शीशे तक टूटे, इलाके में दहशत का माहौल एलपीयू में रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री एक्सपोज़र के ज़रिए कृषि शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है एचएमवी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 का भव्य आयोजन, दैनिक जागरण के ‘प्रतिभा सम्मान समारोह 2026’ में सम्मानित हुए आईवी वर्ल्ड स्कूल के 24 मेधावी विद्यार्... इनोसेंट हार्ट्स के विद्यार्थी का जेईई एडवांस्ड - 2026 में शानदार प्रदर्शन, कसोल फायरिंग Case : वारदात के बाद विदेश भागने की फिराक में था आरोपी, पुलिस ने किया पंजाब से गिरफ्तार UPI से लेकर गैस सिलेंडर व गाड़ियों की कीमत तक, आज से हुए बड़े बदलाव,

Mahashivratri 2025 : 46 साल बाद खुले इस मंदिर के कपाट, भक्तों ने किया जलाभिषेक,

mahashivratri-2025-temple-doors-opened-after-46-years-sambhal-devotees-performed-jalabhishek-mahashivratri

.

PTB न्यूज़ “धार्मिक” : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 46 साल बाद शिव मंदिर के कपाट खोले गए, जिससे श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। इस मौके पर हजारों की संख्या में शिव भक्त मंदिर पहुंचे और शिवलिंग पर जल चढ़ाकर अभिषेक किया।मंदिर के कपाट 1978 के बाद पहली बार खुले हैं, जब रस्तोगी परिवार ने इस मंदिर से पलायन किया था।

.

.

इस बीच, प्रशासन ने शिवरात्रि के दिन मंदिर को फिर से खोलने का निर्णय लिया, जिससे स्थानीय लोग बेहद खुश हैं। इस अवसर पर ‘हर हर महादेव‘ के जयकारे भी लगाए गए। मंदिर से जुड़ी जानकारी देते हुए विष्णु रस्तोगी ने बताया कि 1978 के बाद यहां कोई पर्व नहीं मनाया गया था, लेकिन अब प्रशासन की पहल से यह मौका आया है और आज शिवरात्रि का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है।

.

श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए मंदिर में लगातार पहुंच रहे हैं और महाशिवरात्रि के इस विशेष अवसर को लेकर भक्तों का उत्साह चरम पर है। उन्होंने कहा कि यहां पर पहले कांवड़ यात्री भी आते थे, लेकिन दंगे के बाद यह सब कुछ बंद हो गया। पूरा इलाका ही वीरान हो गया था। इसके बाद यहां से लोग पलायन करके दूसरी जगहों पर चले गए, क्योंकि यहां लोग असुरक्षित महसूस कर रहे थे।

.

.

उन्होंने कहा कि अब हमें बहुत खुशी हो रही है कि जिला प्रशासन ने इस मंदिर को खुलवाया है। इससे श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। हम सब सच में बहुत खुश हैं। हम इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। लोग यहां पर आकर खुशी से जल चढ़ा रहे हैं। कई वर्षों के बाद हमें ऐसा मौका देखने को मिल रहा है। चार दशकों के बाद हमारा सपना पूरा हुआ है। हम जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हैं, क्योंकि उनकी पहल पर ही हमें यह मौका मिला है।

.

Latest News