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आईवी वर्ल्ड स्कूल में शिक्षकों के लिए पाठ योजना, छात्रों की कक्षा में व्यस्त रखने की विधि तथा मूल्यांकन आकलन पर विशेष कार्यशाला का आयोजन,

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PTB न्यूज़ “शिक्षा” : आईवी वर्ल्ड स्कूल, जालंधर ने वासल एजुकेशन सोसाइटी के तत्वावधान में 27 जून तथा 28 जून 2024 (गुरुवार और शुक्रवार ) को ‘पाठ योजना और छात्रों की कक्षा में व्यस्त रखने की विधि तथा मूल्यांकन आकलन पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य अध्यापकगणों को शिक्षण के नए कौशल सीखना और बेहतर शिक्षण पद्धतियों को अपनाना है ।

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इन कार्यशालों की मुख्य संचालिकाओं के रूप में डॉ. नम्रता सखरानी तथा श्रीमती स्वाति जी ने इस विषय के विशेषज्ञता होने के साथ साथ अपने इस पथ के सफल उदाहरणों को सभी अध्यापकगणों में इस बात को सुनिश्चित करना चाहा कि यदि सभी अध्यापकगण इन पद्धतियों तथा नियमों का अनुकरण करेंगें तो अपने शिक्षण के उस उच्चस्तर को छू पाएँगे जिससे छात्रों के सर्वपक्षीय विकास को प्राप्त किया जा सके ।

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इन कार्यशालों के माध्यम से डॉ. नम्रता सखरानी तथा श्रीमती स्वाति जी ने शिक्षकों को पाठ योजना के महत्व, पाठ योजनाओं के घटकों, पाठ्यचर्या लक्ष्यों, विभिन्न शैक्षणिक दृष्टिकोणों, शिक्षण रणनीतियों, सीखने के आकलन आदि के बारे में अमूल्य ज्ञान प्रदान किया।सभी अध्यापकगणों ने भी इन दोनों कार्यशालाओं में अपनी बड़ी उत्सुकता दिखाई।

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अध्यापकगणों ने डॉ. नम्रता सखरानी तथा श्रीमती स्वाति जी की ज्ञानवर्धक तथा आधारभूत सूत्रधारों से सनी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया के सकारात्मक परिवर्तन में योगदान दिया। इन कार्यशालाओं के सभी प्रतिभागियों ने साकारत्मक विचारधारा से भाग लिया और अपने शिक्षण में इन पद्धतियों को अपनाने का दृढ़संकल्प लिया ।

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वासल एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष श्री के.के. वासल, चेयरमैन श्री संजीव कुमार वासल, उपाध्यक्ष श्रीमती ईना वासल, सी.ई.ओ श्री राघव वासल और निर्देशिका श्रीमती अदिति वासल ने कहा कि आज के इस आधुनिक युग में यह अत्यावश्यक है कि हम सब अपने शिक्षण प्रणाली को स्पष्ट बना सकें जिससे शिक्षण में आप अपने लक्ष्य तथा उद्देश्य की पूर्ति सुगमता से कर सकें तथा छात्रों के बीच शिक्षण को रुचिकर बनाकर छात्रों के भविष्य निर्माण में अपना अनुपम योगदान दे सकें।

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इस विशेष अवसर पर विद्यालय की वरिष्ठ प्रधानचार्या जी ने कहा कि यह हमारा अहोभाग्य है आज हमारे बीच दो अनुभवी व्यक्तित्व की सचालिकाएँ है जिनसे हमें इस बात का प्रमाण मिलता है कि यदि हम भी इन सूत्रों को अपने शिक्षण का हिस्सा बना लें तो हमारे छात्रों के हर पाठ और कक्षा में व्यतीत किया हर पल अविस्मरणीय हो जाएगा।

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