PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपको बता दें कि पिछले दो दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। सीएम भगवंत मान की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ है, उनकी तबीयत बेहद खराब बताई जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सेहत को लेकर फोर्टिस अस्पताल मोहाली के डॉक्टरों का पहला बयान सामने आया है,
.जिसमें उन्होंने कहा है कि “मुख्यमंत्री को थकान और हृदय गति कम होने की शिकायत के बाद मोहाली के फोर्टिस अस्पताल लाया गया था। यहां पहुंचने पर उनके सभी टेस्ट किए गए और उनकी हालत स्थिर है।” डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें अभी निगरानी में रखा गया है और उनकी पल्स रेट में सुधार हुआ है। हमारी मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही है।पंजाबी पारंपरिक कपड़े
. .मुख्यमंत्री भगवंत मान 3 सिंतबर को एक्स पर पोस्ट कर बाढ़ पीड़ितों के लिए सहयोग मांगा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था कि पंजाब हर मुश्किल घड़ी में हमेशा हर किसी के साथ खड़ा रहा है। आज हम सभी को इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे पंजाब के साथ खड़े होने की ज़रूरत है। आइए एक-दूसरे का सहारा बनें। बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए चल रहे राहत कार्यों में अपना योगदान दें।
.आप इसके लिए तस्वीर में दिए गए मुख्यमंत्री राहत कोष के QR कोड को स्कैन करके या फिर दिए गए बैंक खाते में राशि भेज सकते हैं। समय कठिन ज़रूर है, लेकिन एक-दूसरे के साथ से यह भी बीत जाएगा। पंजाब में बाढ़ ने भयानक रूप ले लिया है। बाढ़ के पानी की वजह से अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के 23 जिलों के 1900 से ज्यादा गांव पानी में डूबे हुए हैं।
.इनसे करीब 3.84 लाख लोग प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आदेश दिया है कि हर बाढ़ग्रस्त गांव में एक-एक गजटेड अफसर तैनात किया जाए। इससे गांव के लोग सीधे अफसरों से अपनी समस्या साझा कर सकेंगे। इसके चलते पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को आपदा प्रभावित राज्य घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही बाढ़ के कारण पंजाब में 7 सितंबर तक सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
. .हिमाचल के ऊपरी इलाकों में तेज बारिश और बादल फटने की घटनाओं से भाखड़ा डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। जलस्तर 1679 फीट तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से सिर्फ 1 फीट नीचे है। बीबीएमबी ने डैम के चार फ्लड गेट खोल दिए और करीब 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा। इस पानी का बड़ा हिस्सा सतलुज दरिया में जा रहा है, जिससे रूपनगर, आनंदपुर साहिब और आस-पास के गांवों में खतरा बढ़ गया है।








































