PTB Business न्यूज़ मुम्बई : कोयले की खनन से जुड़ी देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी कोल इंडिया (Coal India) की सब्सिडियरी कंपनी भारत कोकिंग कोल (Bharat Coking Coal) अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी ने 9 जनवरी को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च करने के लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया है. यह साल 2026 के लिए मेनबोर्ड सेगमेंट 7का पहला आईपीओ होगा।
. .भारत कोकिंग कोल का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल बेस्ड है, जिसके तहत प्रोमोटर कोल इंडिया अपने 46.57 करोड़ शेयर बेचेगी। यानी कि आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा कोल इंडिया के पास जाएगा। इससे कंपनी को कोई फायदा नहीं होने वाला है। भारत कोकिंग कोल ने 2 जनवरी को फाइल किए गए अपने RHP में कहा है कि आईपीओ लाने का मकसद ऑफर-फॉर-सेल को पूरा करना और स्टॉक एक्सचेंज पर इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग का फायदा उठाना है।
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.यह ऑफर टोटल पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 10 परसेंट है, जिसमें कंपनी के कर्मचारियों के लिए 2.32 करोड़ इक्विटी शेयरों और शेयरहोल्डर्स के लिए 4.65 करोड़ शेयर रिजर्व रखे गए हैं। एंकर निवेशक आईपीओ के खुलने से एक दिन पहले 8 जनवरी को बोली लगा सकेंगे। जबकि रिटेल निवेशकों के लिए यह इश्यू 13 जनवरी तक खुला रहेगा और 14 जनवरी तक शेयर अलॉट किए जाने की उम्मीद है।
. .आईपीओ के जरिए कंपनी का प्लान 13000 करोड़ रुपये जुटाने का है, जिससे लिस्टिंग के पहले इसकी वैल्यू बढ़कर 13000 करोड़ हो जाएगी। इधर आईपीओ के लॉन्च होने से काफी पहले ही इसके शेयर अनलिस्टेड मार्केट में तेजी से उछल रहे हैं। फिलहाल BCCL के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग 11-14 रुपये के करीब है। BCCL ने 5 जून, 2025 को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था
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.और 19 सितंबर, 2025 को रेगुलेटरी अप्रूवल मिला था। साल 1972 में बनी BCCL एक मिनी रत्न कंपनी है, जो अलग-अलग ग्रेड के कोकिंग कोल, नॉन-कोकिंग कोल और वॉश्ड कोल की माइनिंग और सप्लाई करती है। इससे खासतौर पर स्टील और पावर इंडस्ट्री को मदद मिलती है। झारखंड के झरिया कोलफील्ड और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोलफील्ड इसके 34 ऑपरेश्नल माइंस में से है, जो भारत में प्राइम कोकिंग कोयले का एकमात्र महत्वपूर्ण सोर्स है।
















































