PTB Big न्यूज़ जालंधर / फगवाड़ा : “हे प्रभु, हे हरिराम, कृष्ण, जगन्नाथ, प्रेम आनंद, ये क्या हुआ” एक प्रसिद्ध भावुक है, जिसका उपयोग आश्चर्य या किसी अप्रत्याशित घटना के प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह वाक्यांश बॉलीवुड फिल्म “भूल भुलैया 3” के माध्यम से लोकप्रिय हुआ और आमतौर पर किसी ऐसी स्थिति में बोला जाता है,
. .लेकिन यह फ़िल्मी डायलॉग उस समय हकीकत में बदल गया जब दो गुटों में हुई मामूली बहस के बाद रात के अँधेरे में कोई एक पंडाल जिसमें गणपति विसर्जन से पहले गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की हुई थी को दूसरे गुट के युवक-युवतियां ही उठाकर ले गए। यह वाक्य कहीं और का नहीं बल्कि जिला कपूरथला के अधीन पड़ते लॉ गेट के पास स्थित ग्रीन वैली में रहते Lovely Professional University (LPU) के साऊथ के छात्रों के बने दो गुटों के बीच का बताया जा रहा है।
. .सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गणपति विसर्जन से ठीक एक दो-दिन पहले साऊथ के छात्रों के बने दो गुटों ने दो अलग-अलग पंडाल ग्रीन वैली में लगा रखे थे। काफी दिनों से वहां रोजाना की तरह पूजा-अर्चना भजन कीर्तन भी हो रहा था। वहां बीते दिनों रात के समय एक पंडाल से दूसरे गुट के युवक-युवतियों ने भगवान गणपति बप्पा की मूर्ति ही चुरा ली।
.यही नहीं हैरानी तो तब हुई जब एक गुट बप्पा की मूर्ति ढूंढता रह गया और दूसरे गुट ने बप्पा की मूर्ति को लेकर घर-घर घुमा डला। इसके बाद फिर हुआ वही जो आगे भी वहां होता रहता है, जैसे ही अपने गणपति बप्पा को चुराने वालों का के बारे में एक गुट को पता चला वह सभी आग बबूला हो गए और माहौल तनावपूर्ण बन गया, लेकिन भगवान का शुक्र है की
. .कोई महाभारत नहीं हुआ और स्थित तनावपूर्ण से शांति में तब्दील हो गई। अब इस कलयुग में भगवान को भी कोई इस तरह से गुटों में बांटेगा यह तो कभी किसी ने भी सोचा नहीं होगा। मिली जानकारी के अनुसार फिलाहल पुलिस को इस मामले में कोई ख़ास जानकारी नहीं मिली, लेकिन यह सारा मामला पुरे लॉ गेट में चर्चा का विषय जरूर बना रहा।
















































