PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब के DGP गौरव यादव बुधवार (29 जनवरी) को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पेश हुए। इस दौरान गैंगस्टरों को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख दिखाते हुए सख्त टिप्पणियां कीं। हाईकोर्ट ने कहा कि आम आदमी की धारणा बन चुकी है कि पंजाब अब स्टेट ऑफ गैंगस्टर्स बन चुका है। रोज कत्ल हो रहे हैं। सैकड़ों या हजारों की भीड़ में 2 लोग आते हैं, हत्या कर फरार हो जाते हैं और पुलिस उन्हें पकड़ तक नहीं पाती।
.हालांकि DGP ने सफाई दी कि उन्होंने ऑपरेशन प्रहार चलाया, जिसमें करीब 3 हजार लोग अरेस्ट किए गए हैं। इस पर भी हाईकोर्ट ने कहा कि यह ऑपरेशन 2-3 साल पहले क्यों नहीं शुरू किया गया। हाईकोर्ट के आदेश जारी होने के बाद ही ऐसे ऑपरेशन क्यों शुरू किए जाते हैं। हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को हिदायत भी दी कि इस ऑपरेशन के दौरान किसी भी निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार न किया जाए। DGP की पेशी कुछ महीने पहले मोहाली में हुए कबड्डी प्लेयर राणा बलाचौरिया के
. .कत्ल केस में हुई थी। DGP के साथ स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर), एसएसपी मोहाली, डीआईजी रोपड़ रेंज और एजीटीएफ चीफ भी कोर्ट में हाजिर रहे। मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी। हाईकोर्ट ने DGP से पूछा- फिरौती के रूप में मांगे जा रहे पैसों को ट्रेस करने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं, वह पैसा कहां जा रहा है और उसका रास्ता क्या है। हर रोज सैकड़ों करोड़ रुपए जा रहे हैं, इस पर क्या जांच हो रही है। इस मामले में ईडी को भी ध्यान देने की जरूरत है।
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कोर्ट ने कहा कि जब कोई घटना होती है तो कार्रवाई सिर्फ छोटे कांस्टेबलों पर डाल दी जाती है, एसएसपी स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। एसएसपी मोहाली से पूछा गया कि हत्या करने वाले गैंगस्टरों को पकड़ने में 25 दिन क्यों लगे, 25 दिन बहुत ज्यादा हैं। हाईकोर्ट ने पूछा कि पंजाब पुलिस के पास 88 हजार पुलिसकर्मी हैं, जिनमें से कितने वीवीआईपी ड्यूटी में लगाए जाते हैं। आम जनता के कार्यक्रमों में 7–8 सुरक्षाकर्मी दिए जाते हैं, जबकि राजनीतिक कार्यक्रमों में 200 से ज्यादा की तैनाती कर दी जाती है, ऐसा क्यों?
. .सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गानों में गैंगस्टरों और हथियारों के महिमामंडन पर भी सख्त एतराज जताया। हाईकोर्ट ने डीजीपी को कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। कोर्ट ने सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों को प्रमोट करने वाले वीडियो हटाने और उनके यूआरएल ब्लॉक करने के आदेश भी दिए। हाईकोर्ट ने डीजीपी पंजाब को एक सप्ताह के भीतर नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें जानकारी देनी होगी कि,
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कितनी घटनाओं में सीसीटीवी, मोबाइल या अन्य कैमरों में शूटर कैद हुए। इन घटनाओं के बाद कितनी गिरफ्तारियां हुईं। धमकी भरी कॉल्स से वसूला गया पैसा कहां जा रहा है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इन सभी कार्यों के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाए। हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान ही मोहाली में SSP ऑफिस के पास मर्डर हो गया। ये जानकारी मिली तो हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि
.अगर SSP ऑफिस ही सुरक्षित नहीं है, तो कानून-व्यवस्था कैसे बनाए रखी जा सकती है। कोर्ट ने डीजीपी को इस मामले में रिपोर्ट देने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। DGP गौरव यादव ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में हुई कई घटनाओं में पाकिस्तान का हाथ सामने आया है। पंजाब में अपराध अन्य राज्यों की तुलना में कम है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब एक सीमा राज्य है, ऐसे में इसकी तुलना अन्य राज्यों से नहीं की जा सकती।
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