PTB Big न्यूज़ मोगा : मोगा जिले का 25 साल का युवक, बुट्टा सिंह, पिछले साल अक्टूबर में स्टूडेंट वीजा लेकर रूस गया था। घरवालों ने उसकी पढ़ाई और सपनों को पूरा करने के लिए जमीन तक बेच दी। रूस में पढ़ाई के लिए इसलिए गया था ताकि वो वहां भाषा कोर्स करे और साथ में पार्ट-टाइम काम कर थोड़ा कमा भी ले। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ और परिवार को सच्चाई पता चली।
. .वीडियो में बुट्टा सिंह और कुछ अन्य लड़के बताते दिखे कि वे पढ़ाई करने आए थे, पर धोखे से उन्हें सेना में भर्ती कर लिया गया। उन्हें बंदूक थमा दी गई और सीधा रूस-यूक्रेन युद्ध में भेज दिया गया।बुट्टा की बहन करमजीत कौर बताती हैं कि भाई से आखिरी बार 11 सितंबर को व्हाट्सऐप पर वॉइस मैसेज मिला था। उसके बाद से कोई खबर नहीं है। पिता मजदूरी करते हैं, मां घर का काम और मवेशियों की देखभाल करती हैं।
. .अब पूरा परिवार सरकार से गुहार लगा रहा है कि किसी तरह उनका बेटा सुरक्षित वापस आए। ये कहानी अकेले बुट्टा सिंह की नहीं है। कांग्रेस नेता परगट सिंह ने दावा किया है कि उत्तर भारत से अब तक 111 युवकों को इसी तरह रूसी सेना में भर्ती किया गया है और 15 लोग लापता हो चुके हैं। हरियाणा के अंकित जांगर और विजय पूनिया का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई युवकों को सुरक्षा की नौकरी का लालच दिया गया। कहा गया कि तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद
.2.5 लाख रुपये महीना मिलेगा। उनसे रूसी भाषा में कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करवाया गया। लेकिन हकीकत ये निकली कि उन्हें फौजी यूनिफॉर्म पकड़ा दी गई और कुछ दिन की ट्रेनिंग के बाद सीधा मोर्चे पर भेज दिया गया। मामला तूल पकड़ने के बाद भारत सरकार ने रूस से कहा है कि भारतीय नागरिकों को सेना में भर्ती करने की प्रैक्टिस तुरंत रोकी जाए। विदेश मंत्रालय ने देशवासियों को चेतावनी भी दी है कि ऐसे किसी ऑफर में न फंसें, क्योंकि इसमें जान का सीधा खतरा है।
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