PTB News

Latest news
जालंधर के युवराज भाटिया ने 10 साल की उम्र में रचा IGU मेन टूर की सी कैटेगरी में बनाई खास जालंधर की राजनितिक के चाणक्य कहे जाने वाले आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता का पार्टी ने बढ़ाया कद अमरावती अस्पताल अग्निकांड को लेकर CM फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान, जांच के भी दिए आदेश Jalandhar : बाबा मुराद शाह दरगाह से लौट रहे दंपति सहित मासूम बेटी की हुई सड़क हादसे में दर्द/नाक मौ/त बड़ा फैसला : जज बनने के लिए, 3 नहीं अब 1 साल की होगी वकालत जरूरी Punjab बंद के बीच चली गो/लियां, कारोबारी के ऑफिस के बाहर, ₹5 करोड़ न देने पर मारने की मिल रही थीं धम... पंजाब बंद : मोहाली-चंडीगढ़ के बाॅर्डर पूरी तरह से सील, राज्य के कई शहरों में दुकानें बंद, भारी पुलिस... CT Institute झगड़ा, छात्रों के दो गुटों के बीच, हॉस्टल में तोड़फोड़, कैंपस की सुरक्षा के लिए तैनात कि... डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी की छात्रा ऊर्वी राठौर को मिला 'यूथ क्लाइमेट लीडर अवॉर्ड' राष्ट्रीय स्तर पर शानद... रायत बाहर प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में "ड्रग्स का बढ़ता प्रकोप: महिलाओं पर पड़ता बोझ" विषय पर राष्ट्रीय...

पत्रकारों के साथ मारपीट किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट हुई सख्त, सरकार को जारी किया नोटिस,

supreme-court-takes-strict-action-on-journalists-being-beaten-up-india

.

.

PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : मध्य प्रदेश में रेत माफिया पर रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस स्टेशन में मारपीट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। शीर्ष अदालत ने इस घटना पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने पत्रकार शशिकांत गोयल और अमरकांत सिंह चौहान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति जताते हुए मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है।

.

याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत से अपील की थी कि उनके मुवक्किलों को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की जाए। इस पर पीठ ने कहा कि पहले दूसरे पक्ष को जवाब देने दिया जाए और राज्य सरकार को भी इस मामले में तथ्य पेश करने का अवसर मिलना चाहिए। कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 9 जून तय की है। गौरतलब है कि 28 मई को दिल्ली उच्च न्यायालय ने पत्रकार अमरकांत चौहान को सुरक्षा प्रदान की थी।

.

.

चौहान ने अपनी याचिका में दावा किया था कि भिंड के पुलिस अधीक्षक ने कथित तौर पर उनकी पिटाई की थी, जिसके कारण उनकी जान को खतरा है। उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को चौहान को दो महीने तक सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया था। इस घटना को लेकर पत्रकारों और नागरिक समाज के बीच काफी रोष व्याप्त है और अब सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है।

.