PTB News

Latest news
जालंधर के युवराज भाटिया ने 10 साल की उम्र में रचा IGU मेन टूर की सी कैटेगरी में बनाई खास जालंधर की राजनितिक के चाणक्य कहे जाने वाले आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता का पार्टी ने बढ़ाया कद अमरावती अस्पताल अग्निकांड को लेकर CM फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान, जांच के भी दिए आदेश Jalandhar : बाबा मुराद शाह दरगाह से लौट रहे दंपति सहित मासूम बेटी की हुई सड़क हादसे में दर्द/नाक मौ/त बड़ा फैसला : जज बनने के लिए, 3 नहीं अब 1 साल की होगी वकालत जरूरी Punjab बंद के बीच चली गो/लियां, कारोबारी के ऑफिस के बाहर, ₹5 करोड़ न देने पर मारने की मिल रही थीं धम... पंजाब बंद : मोहाली-चंडीगढ़ के बाॅर्डर पूरी तरह से सील, राज्य के कई शहरों में दुकानें बंद, भारी पुलिस... CT Institute झगड़ा, छात्रों के दो गुटों के बीच, हॉस्टल में तोड़फोड़, कैंपस की सुरक्षा के लिए तैनात कि... डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी की छात्रा ऊर्वी राठौर को मिला 'यूथ क्लाइमेट लीडर अवॉर्ड' राष्ट्रीय स्तर पर शानद... रायत बाहर प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में "ड्रग्स का बढ़ता प्रकोप: महिलाओं पर पड़ता बोझ" विषय पर राष्ट्रीय...

वासल एजूकेशन की स्निग्धा बनना चाहती है न्यूरोसर्जन,

vasal-education-ki-snigdha-wants-to-become-a-neurosurgeon

.

.

PTB न्यूज़ “शिक्षा” : बीते दिन NEET UG की परीक्षा 2024 में विद्यार्थियों का प्रदर्शन शानदार रहा। इस परीक्षा वासल एजूकेशन में पढ़ने वाली छात्रा स्निग्धा शर्मा ने भी 646 अंक प्राप्त करने जहां स्कूल का वहीं अपने माता पिता का भी नाम रोशन किया है। इस दौरान पीटीबी न्यूज़ से बातचीत करते हुए स्निग्धा शर्मा ने अपनी सफलता पर हर्ष प्रकट करते हुए बताया कि

.

.

मैंने अपने दादा श्री परीक्षित राज शर्मा, दादी श्रीमती किरण , पिता श्री नरोत्तम शर्मा तथा माता श्रीमती रीना शर्मा के आशीर्वाद से ही इतने बढ़िया अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि वह आगे चलकर डॉक्टरी के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल कर एक न्यूरोसर्जन के तौर पर अपना करियर शुरू करना चाहती है। इस उपलब्धि पर स्निग्धा ने कहा कि इस कठिन परीक्षा की तैयारी में

.

.

.

मुझे हर कदम पर वासल एजूकेशन सोसाइटी के चेयरमैन श्री संजीव कुमार वासल तथा समस्त वासल परिवार का हर समय सहयोग प्राप्त हुआ, यही नहीं इस दौरान मेरे पिता श्री नरोत्तम शर्मा तथा माता श्रीमती रीना शर्मा ने भी उसका पूरा साथ दिया, जिसके कारण वह आज इस कठिन परीक्षा को पास कर सफलता के शिखर पर पहुँच सकी हैं।

.

.