PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : ED ने आज यानी 6 मार्च को उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मुंबई और हैदराबाद में 10 से 12 लोकेशन्स पर एक साथ की गई। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर ED की 15 टीमों ने ये छापेमारी की है। द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सुबह होने से पहले ही ED की टीम इन ठिकानों पर पहुंच गई थी।
. .टीम ने संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों के परिसरों की तलाशी ली। इससे पहले 26 फरवरी को अनिल अंबानी रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के दूसरे दौर के लिए दिल्ली में ED दफ्तर पहुंचे थे। आरोप है कि उनकी कंपनियों ने बैंकों से लिए लोन का डायवर्जन किया और विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन किया। अंबानी सुबह करीब 11 बजे जांच एजेंसी के दफ्तर पहुंचे थे।
. .यहां उनसे विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन और फंड के डायवर्जन को लेकर करीब 9 घंटे सवाल-जवाब किए गए थे। ED के मुताबिक, रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी ग्रुप कंपनियों ने देशी और विदेशी बैंकों से भारी कर्ज लिया था। वर्तमान में इन कंपनियों पर कुल बकाया ₹40,185 करोड़ है। मामला सरकारी बैंकों से उनकी कंपनियों को मिले लोन में कथित गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।
. .CBI की 2019 की FIR के आधार पर ED इस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले जांच एजेंसी ने मुंबई के उनके 17 मंजिला घर ‘अबोड’ को कुर्क किया था। रिलायंस पावर बिजली उत्पादन और वितरण क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी है। ये अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप का हिस्सा है। इसके पोर्टफोलियो में थर्मल (कोयला और गैस), रिन्यूएबल (सौर, पवन और हाइड्रो) और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) शामिल हैं।
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