PTB Sad न्यूज़ जालंधर : जालंधर से पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी के बेटे रिची केपी को आज यानि मंगलवार को हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि दी और उनकी देह को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया। रिची केपी ने वकालत की स्टडी की थी, लेकिन वह हड्डियों के रोग से ग्रस्त थे जिस कारण उनको चार साल तक बेड पर रहना पडा।
मानसिक तौर पर रिची केपी अब काफी मजबूत हो रहा था। वह लैदर की इंडस्ट्री का यूनिट स्थापित कर चुका था बस उसका औपचारिक उद्घाटन होना था। 36 साल के रिची केपी की शादी की तैयारियां भी चल रही थी। रिची के लिए लड़की खोज ली गई थी और जल्दी ही वह शादी के बंधन में बंधने जा रहा था लेकिन अनहोनी को कुछ और ही मंजूर था।
आज यानि मंगलवार को जालंधर के मॉडल टाउन शमशान घाट में जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, पूर्व विधायक केडी भंड़ारी और शीतल अंगुराल, पंजाब भर से राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ कई संगठनों की हस्तियां शोक व्यक्त करने पहुंची। इससे पहले घर पर अंतिम दर्शन के लिए शव को रखा गया था, जहां से वाहन में श्मशानघाट लाया गया।
केपी के घर पर 19 सितंबर को अखंड पाठ रखा जाएगा और 21 सितंबर भोग और आत्मिक शांति के लिए अरदास की जाएगी। एक तरफ पिता केपी बेटे को कंधा दे रहे थे दूसरी ओर मां सुमन कौर के आंसू नहीं रुक रहे थे। हमारा बेटा नहीं जा रहा जिंदगी की खुशियां राख होने जा रही हैं, नए सफर के लिए भगवान से प्रार्थना करूंगी। हाथ पकड़कर बुढ़ापे की लाठी बनने वाला साथ छोड़ गया, ऊपर वाले ने ठीक नहीं किया। पिता ने रोते हुए कहा, बेटे की अंतिम यात्रा सुखद रहे।
हर मां-बाप को बेटे के हाथों मुखाग्नि मिलना उनके मोक्ष का द्वार है, अब ये हमारे नसीब में नहीं। बता दें कि सोमवार को डेरा राधा स्वामी के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों और भाई जसदीप सिंह, कैबिनेट मंत्री रवजोत सिंह सहित कई नेता शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। आपको बता दें कि शनिवार हुए हादसे में पूर्व मंत्री मोहिंदर सिंह केपी के बेटे रिची केपी (36) की मौत हो गई थी। रिची की फॉर्च्यूनर को क्रेटा कार ने टक्कर मार दी थी, जिसे प्रिंस चला रहा था।
वहीं फॉर्च्यूनर गाड़ी विटारा से भी टकराई थी जिसे केस में नामजद किया है। इसके बाद कार चालक की मां सुधा कपूर और भाई विक्रांत सामने आए और अपनी रखी। उन्होंने कहा कि कार में बेटा-बहू और बेटी मौजूद थे, जब क्रेटा कार ने रिची की कार को टक्कर मारी तो वह हमारी गाड़ी से टकरा गई। लेकिन पुलिस ने बाद में केस दर्ज कर उनके बच्चों को भी नामजद किया,
लेकिन वह सभी तो अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी हालत भी गंभीर है, उन्हें बिना गलती की सजा मिल रही है। पुलिस सही से जांच करे। उधर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले जांच चल रही है और फरार गुरशरण सिंह उर्फ प्रिंस की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। वह हादसे की रात के बाद से पूरे परिवार के साथ अंडरग्राउंड हैं और उनके बाहर भाग जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।













