PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब सरकार को आज यानि तीसरे दिन फिर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। यह तीसरा झटका पंजाब के निजी स्कूलों की प्रतिवर्ष फीस वृद्धि की सीमा 8 से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने के फैसले के खिलाफ निजी स्कूलों की 3 एसोसिएशनों की ओर से उक्त आदेशों को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। फैडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब, रिकॉग्नाइज्ड एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन,
.इंडिपैंडैंट स्कूल्स एसोसिएशन और प्राइवेट अनएडिड स्कूल्स एसोसिएशन की ओर से दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। वहीं एसोसिएशनों ने अदालत को बताया कि सरकार का यह ऑर्डिनैंस वर्ष 2016 और 2019 के संबंधित कानूनों का उल्लंघन है। उनका कहना है कि अध्यादेश के जरिए सरकार निजी स्कूलों से शैक्षणिक सत्र 2023-24 से अब तक का पूरा रिकॉर्ड मांग रही है,
. .जो अनुचित और कानून के विपरीत है। इसी आधार पर ऑर्डिनैंस को रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्त्ताओं ने सवाल उठाया कि जब राज्य विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो चुका है, तब इस विषय को विधेयक के रूप में सदन में लाया जा सकता था। इसकी बजाय सरकार ने ऑर्डिनैंस का रास्ता क्यों अपनाया। इस पर हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा कि क्या इस ऑर्डिनैंस को मौजूदा विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जा रहा है।
.सरकारी वकील ने जवाब दिया कि हो सकता है बिल पेश किया जाए। अदालत ने सरकार से ऑर्डिनैंस लाने की आवश्यकता पर सवाल उठाया। हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऑर्डिनैंस तब लाया जाता है जब विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा हो। आप यह ऑर्डिनैंस पिछले महीने लेकर आए और अब विधानसभा का सत्र शुरू हो चुका है। इसकी इतनी जल्दी क्या थी? सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया कि
. .मामले में अगले आदेश तक निजी स्कूलों से पिछले 3 वर्षों की 5 प्रतिशत से अधिक वसूली गई फीस वापस लेने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। आपको यह भी बता दें कि इससे पहले (3 अगस्त) को माननीय हाईकोर्ट की डबल बेंच ने पंजाब सरकार को 15 दिनों के भीतर लगभग ₹14,191 करोड़ का बकाया महंगाई भत्ता (DA) और डीआर (DR) कर्मचारियों व पेंशनर्स को जारी करने का सख्त आदेश दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने साफ कहा कि
.जब तक यह बकाया नहीं चुकाया जाता, तब तक सरकार विज्ञापनों और गैर-जरूरी योजनाओं पर कोई खर्च नहीं कर सकेगी। वहीं बीते कल यानि (4 अगस्त) को भी प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई को तब झटका लगा, जब हाईकोर्ट में चुनौती के बाद सरकार को खुद कदम पीछे खींचने पड़े। सरकार को कोर्ट में यह आश्वासन देना पड़ा कि वे 22 सितंबर 2026 तक स्कूलों से पुरानी फीस की वसूली पर कोई जबरन कार्रवाई नहीं करेगी।




































