PTB News

Latest news
ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਵਿਖੇ ਧੂਮ-ਧਾਮ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ ਧੀਆਂ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਤੀਆਂ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ, जीएनए यूनिवर्सिटी ने पीजी ओरिएंटेशन 2026 का आयोजन किया; लाहौरी ज़ीरा के संस्थापक ने छात्रों को बड़ा ... एचएमवी में महिला सशक्तिकरण की भावना के साथ ‘तियां धियां नाल’ उत्सव का आयोजन किया गया, प्रेम चंद मारकंडा एसडी कॉलेज फॉर वूमेन में हिंदी साहित्य धारा की ओर से बीए तथा बीएड के विद्यार्थियों... सेंट सोल्जर कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जालंधर के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के परिणामों में शानदार प्रदर्... इनोसेंट हार्ट्स कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन ने मनाया एंटी-रैगिंग सप्ताह, एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री जालंधर में हुआ डबल मर्डर, बेटे ने ही कर दिया पिता और पत्नी का बेरहमीं से कत्ल, इलाके में दहशत का माह... Punjab : राशन कार्ड बनवाने वालों के लिए बड़ी मुसीबत, लोग हुए परेशान हिमाचल के सिरमौर में गहरी खाई में गिरी बोलेरो, 4 लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत, 5 गंभीर

के.एम.वी. में अंडरस्टैंडिंग अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर अमोंग चिल्ड्रन एंड एडल्ट्स विषय पर अंतरराष्ट्रीय वेबीनार आयोजित,

kmv-organises-an-international-webinar-on-understanding-attention-deficit-hyperactivity-disorder-adhd-among-children-and-adults

PTB न्यूज़ “शिक्षा” : भारत की विरासत एवं ऑटोनॉमस संस्था कन्या महाविद्यालय जालंधर के पोस्टग्रेजुएट डिपार्टमेंट ऑफ़ साइकोलॉजी के द्वारा अंडरस्टैंडिंग अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर अमोंग चिल्ड्रन एंड एडल्ट्स विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित करवाया गया. इस आयोजन में डॉ. फेबा, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और अध्यक्ष, मनोचिकित्सा विभाग, अमेरिकन मिशन हॉस्पिटल, किंगडम ऑफ बहरीन ने बताओ स्रोत वक्ता शिरकत की.

छात्राओं से संबोधित होते हुए डॉ. फेबा ने बच्चों और वयस्कों में अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर के लक्षणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने इस विकार की व्यापकता दर भी निर्दिष्ट की एवं इस विकार के तीन मुख्य लक्षणों असावधानी, अतिसक्रियता और आवेग के बारे में बताया. उन्होंने कई अन्य लक्षणों के बारे में भी बताया जिन्हें आमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं.

आगे बात करते हुए उन्होंने विभिन्न केस-स्टडीज़ पर चर्चा की जिनकी मदद से छात्राएँ बेहतर ढंग से समझने में सक्षम हुई. उन्होंने यह भी समझाया गया कि ए.डी.एच.डी. वाले लोगों में सामाजिक कौशल की कमी और सहकर्मी समस्याएं होती हैं. छात्राओं को विभिन्न महत्वपूर्ण रणनीतियों के बारे में विस्तार से बताया गया जिनके माध्यम से ए.डी.एच.डी. वाले लोगों से निपटा जा सकता है.

वेबीनार के अंत में छात्रों के द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब भी डॉ. फेबा ने बेहद सरल ढंग से दिए. विद्यालय प्रिंसिपल प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने विषय की महत्वपूर्ण जानकारी छात्राओं को प्रदान करने के लिए डॉ. फेबा के प्रति आभार व्यक्त किया और साथ ही इस सफल आयोजन के लिए साइकोलॉजी विभाग के द्वारा किए गए प्रयत्नों की भी प्रशंसा की.

Latest News