PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल की सियासी लड़ाई अब देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर उतर आई है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और केंद्र सरकार के बीच तनातनी उस वक्त और बढ़ गई, जब पार्टी के 8 सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर डेरा डाल दिया। ये सांसद कोलकाता में हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं
. .और इसे केंद्र सरकार की बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। दरअसल, गुरुवार को ईडी ने कोलकाता में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी की टीम ‘IPAC’ कंपनी के दो ठिकानों पर भी पहुंची। यह वही कंपनी है जो तृणमूल कांग्रेस के चुनावी प्रबंधन और रणनीतियों की जिम्मेदारी संभाल रही है। इस रेड ने टीएमसी नेतृत्व को भड़का दिया है।
.यह भी पढ़ें : लालू परिवार को कोर्ट से मिला बड़ा झटका…लैंड फॉर जॉब केस से जुड़ा है मामला,
.पार्टी ने इसे सीधे तौर पर राजनीति से प्रेरित कदम करार दिया है। टीएमसी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में उनके चुनावी अभियान को बाधित करने और पार्टी को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। गृह मंत्री के दफ्तर के बाहर धरना देने वाले इन सांसदों में पार्टी के कई दिग्गज और तेज-तर्रार चेहरे शामिल हैं।
.यह भी पढ़ें : 17 वर्षीय महिला शूटर से नेशनल पिस्टल कोच ने किया यौन शोषण, किया गया सस्पेंड, FIR दर्ज,
.डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा, शताब्दी रॉय, कीर्ति आजाद, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, बापी हलदर और डॉ. शर्मिला सरकार ने मोर्चा संभाल रखा है। इन नेताओं का कहना है कि वे डरने वाले नहीं हैं और एजेंसियों के इस कथित दुरुपयोग के खिलाफ अपनी आवाज पूरी मजबूती से उठाएंगे। इस प्रदर्शन ने संसद के गलियारों से लेकर बंगाल तक का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
.
















































