जालंधर के पुलिस कमिश्नर आईपीएस कुदीप सिंह चाहल के हस्तक्षेप के बाद चारों आरोपी हुए थे गिरफ्तार, पुरे घटनाक्रम की खुद कर रहे हैं जाँच,
10 लाख किसने लिए? से लेकर दो दिन से फरार चल रहे आरोपितों की व्हाट्सअप चैट से लेकर किस-किस से हुई बात की भी हो सकती है जाँच,
रवि गिल सुसाईड केस से पहले किस वजह से किसके साथ हाथापाई के बाद हुआ था राजीनामा, पुलिस मांग सकती है आरोपितों का रिमांड,
PTB Big न्यूज़ जालंधर : जालंधर के पत्रकार रवि गिल द्वारा बीते दिनों आत्महत्या के मामले में झूठ बोलने के आरोप में जहां जालंधर कमिश्नरेट पुलिस आईपीएस कुलदीप चहल ने थाना चार के प्रभारी मुकेश कुमार को बीते दिन ही लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं मामले में नामजद चौथे आरोपित राजेश कपिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर एक अलग स्थान पर रखा, सूत्रों का कहना है कि उसे CIA स्टॉफ की निगरानी में रखा गया था।
वहीं बाकी तीन आरोपितों कीर्ति गिल, शुभम गिल और साजन नरेवाल को पुलिस ने टेक्निकल सेल की मदद से रविवार रात को कस्टडी में ले लेने के बाद उनके द्वारा जहरीली वस्तु के पी लेने की जानकारी मिलते ही उन्हें जालंघर के सिविल अस्पताल में पुलिस के सख्त पहरे के बिच में भर्ती करवाया गया, वहीं अस्पताल के डाक्टरों के अनुसार पता चला है की उनकी हालत फ़िलहाल ठीक है क्योंकि दावा है की फर्नेल पीने से व्यक्ति की मौत नहीं होती बल्कि उसके लिवर में इन्फेक्शन या फिर लिवर कमजोर पड़ जाता है, लेकिन 24 घंटे ऑवजर्वेशन में रखने से व्यक्ति ठीक हो जाता है।
वहीं यह भी जानकारी मिली थी की पुलिस कमिश्नर आईपीएस कुलदीप चाहल के अनुसार आरोपित राजेश कपिल को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किय गया था और खुद की निगरानी में वह इस मामले की जाँच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों का रिमांड जिला माननीय अदालत में पेश कर माँगा जायेगा। वहीं आरोपित कीर्ति गिल, शुभम गिल और साजन उर्फ गोरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर अपने आप को बेकसूर बताया था, जोकि अब जाँच का विषय है।
वहीं अब सवाल यह उठता है कि अगर यह तीनों आरोपित अगर अपने आप को बेकसूर बता रहे हैं तो फिर गलती किसकी है और क्यों रवि गिल को किस परिस्थिति में सुसाईड करना पड़ा, वहीं मीडिया के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले ही इन लोगों का लिखित राजीनामा हुआ था किसके साथ यह तो पूरा नहीं पता चल पाया है लेकिन इतना जरूर पता चला है की इस राजीनामे से पहले इनकी रवि के साथ हाथापाई हुई थी और उसदिन भी यह सभी जालंधर के एक प्रसिद्ध बार के बहार इकट्ठे हुए थे और रवि गिल ने इस दौरान एक पत्रकार की जमकर पिटाई भी की इसका जीकर खुद मृतक पत्रकार रवि गिल के भाई राम गिल ने अस्पताल में भी किया था।

वहीं पुलिस अब इन सभी के व्हाट्सएप कॉल और व्हाट्सएप मेसेज को भी खंगालने में लगे ही ताकि असल सचाई सामने आ सके। वहीं सूत्रों की माने तो पुलिस कमिश्नर आईपीएस कुलदीप सिंह चाहल जोकि बहुत ही होनहार अधिकारी हैं और खुद कई मामलों को सॉल्व कर चुके हैं के इस मामले में हस्तक्षेप के बाद रवि गिल सुसाईड केस के मामले में दूध का दूध पानी का पानी कर जल्द पर्दा उठा भी सकते हैं और चालान जल्द माननीय अदालत में पेश कर सकते हैं, क्योंकि माना जा रहा है की इस मामले में जाँच व्हाट्सअप कॉल जो आरोपितों ने दो तीन दिन में किस किस को की और क्यों थी से लेकर व्हाट्सएप चेटिंग से लेकर सुसाईड नोट जोकि रवि गिल ने मरने से पहले लिखा था ही हैं को रवि गिल को इंसाफ और FIR के हिसाब से पुलिस द्वारा घोषित किये आरोपितों को सलाखों के पीछे या तो भेज सकते हैं या फिर बचा सकते हैं।
वहीं पुलिस की मानते तो जो 10 लाख रूपये के लें दें की बात सामने आ रही है उसको लेकर भी जाँच शुरू हो चुकी है अगर आरोपितों में से किसी ने भी 10 लाख की मांग की होगी या लिए होंगे तो क्या वह किसी में पैसे लेने के बाद बंटे या फिर खुद ही कोई डकार गया की भी गहनता से जाँच शुरू हो चुकी है और माना जा रहा है पीड़ित परिवार को खुद आईपीएस कुलदीप सिंह चाहल जालंधर पुलिस कमिश्नर ने विश्वाश दिलाया है की वह किसी भी आरोपी को बख्शेंगे नहीं और उनके परिवार को इंसाफ दिलाकर ही रहेंगे। फ़िलहाल सूत्रों का कहना है कि पुलिस आज इन सभी आरोपियों को जिला अदालत में पेश करने की प्लानिंग कर रही है और इनका रिमांड मांगकर आगे की तफ्तीश करेंगे।






































