PTB Big न्यूज़ जालंधर : जालंधर कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने चार वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले को सुलझाते हुए बच्चा चोरी और चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े गिरोह के मुख्य आरोपित रजत रत्तू उर्फ रोकी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपित ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर चार वर्षीय बच्चे को चाइल्ड ट्रैफिकिंग के उद्देश्य से अगवा किया था। उसने यह बच्चा एक लाख रुपए में बेचना था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई
.बिना नंबर की सफेद एक्टिवा भी बरामद कर ली है। दूसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देश पर डीसीपी सिटी आदित्य एस. वारियर, एडीसीपी जोन-2 माधवी शर्मा और एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया की निगरानी में थाना बस्ती बावा खेल पुलिस ने कार्रवाई की। एसआइ गुरदीप चंद, थाना प्रभारी बस्ती बावा खेल, और एएसआइ सुखदेव चंद, चौकी इंचार्ज लेदर कांप्लेक्स, की टीम ने मामले की जांच शुरू की।
. .डीसीपी आदित्य वारियर ने जानकारी दी कि 17 सितंबर 2026 को थाना बस्ती बावा खेल में मामला दर्ज किया गया था। चार वर्षीय बच्चे के अगवा होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ बच्चे की तलाश के लिए कई स्थानों पर टीमें भेजीं। पुलिस की लगातार कार्रवाई के चलते करीब आठ घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और
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उसे उसके परिवार के हवाले कर दिया गया। बच्चे की बरामदगी के बाद करीब 72 घंटे के भीतर मुख्य आरोपित रजत रत्तू उर्फ रोकी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर बच्चे को अगवा किया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्चे को अगवा करने के पीछे चाइल्ड ट्रैफिकिंग का नेटवर्क कितना बड़ा है और
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.बच्चे को आगे किसे सौंपना था। पुलिस जांच में इस मामले में बच्चा चोरी करने वाले गिरोह की भूमिका सामने आने के बाद अब पुलिस आरोपित के साथी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया कि बच्चे को जिस बिना नंबर की सफेद एक्टिवा पर अगवा किया गया था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो
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उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। DCP आदित्य वारियर का कहना था कि बच्चे को सुरक्षित बरामद करने के बाद अब जांच का मुख्य फोकस चाइल्ड ट्रैफिकिंग के पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है। पुलिस गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इससे पहले भी गिरोह ने ऐसी कोई वारदात की है या नहीं और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
































