PTB Big न्यूज़ जालंधर : पंजाब के जालंधर में आई लव मोहम्मद और जय श्रीराम का नारा लगाने के बाद पैदा हुआ विवाद सुलझ गया है। मंगलवार को मंत्री मोहिंदर भगत ने हिंदू और मुस्लिम नेताओं को अपने घर पर बुलाया था। जहां दोनों पक्षों में राजीनामा करवाया गया। मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि कुछ समय से धार्मिक मसला चल रहा था। इसे सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर आज सुझा लिया है।
.हमें इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। शहर में धार्मिक माहौल है। इसलिए आज सभी ने मिलजुलकर चलने का फैसला लिया है। जय श्री राम का नारा लगाने वाले योगेश मैनी ने कहा कि भाईचारे के तौर पर बिनती करता हूं कि जो घटना हुई है, वो होनी नहीं चाहिए थी। आगे त्योहारी सीजन है। मैं चाहता हूं कि मिलजुलकर त्योहार मनाएं, जैसा कि पहले मनाते आए हैं। मुस्लिम पक्ष के नेता अयूब खान ने कहा- जय भीम, जय भारत, आज बहुत ही पवित्र दिन है।
.आज भगवान वाल्मीकि जी की जयंती भी है। योगेश मैनी जी हमारे भाई हैं। ये हमारे बड़े भाई थे और हैं। ये बड़े भाई ही रहेंगे। कुछ लोगों ने इस घटना से राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश की है। बहुत सारी बातें समाज में हो जाती हैं। ये सब चीजें भी परमात्मा की तरफ से होती हैं। आगे दिवाली आ रही है। मैं वादा करता हूं कि मैं दिवाली अपने भाई के घर पर मनाऊंगा। मुझे जय श्री राम बोलने में कोई आपत्ति नहीं है। मैं नारा लगा रहा हूं- जय श्री राम…जय श्री राम।
. .‘जय श्रीराम का नारा लगाना अपराध नहीं : जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस संजीव मेहता —
आपको यह भी बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में मस्जिद में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने वाले मामले की सुनवाई की। जिसमें कोर्ट ने पूछा, ‘जय श्रीराम का नारा लगाना अपराध कैसे हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद में कथित रूप से जय श्रीराम का नारा लगाने वाले 2 लोगों के खिलाफ FIR रद्द करने के 13 सितंबर के कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इस पर जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस संजीव मेहता की बेंच ने पूछा कि दोनों लोग एक धार्मिक नारा लगा रहे थे
.या कहें कि एक व्यक्ति का नाम ले रहे थे। ये अपराध कैसे हो सकता है। आपको यह भी बता दें कि यह मामला दक्षिण कर्नाटक जिले के कडाबा पुलिस स्टेशन का है। याचिकाकर्ता हैदर अली ने 25 सितंबर, 2023 को पुलिस में कीर्थन कुमार और सचिन कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी कि दोनों ने ऐथुर गांव की बदुरिया जुम्मा मस्जिद में घुसकर जय श्रीराम के नारे लगाए थे। पुलिस ने दोनों लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद
. .उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 447 (ट्रेसपास) और 505 व 506 (आपराधिक धमकी) समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुत्तूर के लोकल कोर्ट ने इन धाराओं के खिलाफ जांच जारी रखने की अनुमति दे दी। आरोपियों ने राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने 13 सितंबर को इसे अपराध न मानते हुए दोनों लोगों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दर्ज केस को खत्म कर दिया।
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