PTB Big न्यूज़ अमेरिका : अमेरिका से एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है। जहां पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवर को कोर्ट ने 75 साल कैद की सजा सुनाई है। उससे पुलिस ने 90 करोड़ रुपए की कोकीन पकड़ी गई थी। वह 106Kg कोकीन कचरे के पैकेट में छुपाकर ले जा रहा था। हालांकि, ड्राइवर ने अपनी सफाई में कहा कि उसके इसके बारे में पता नहीं था। उसकी Whatsaap चैट से खुलासा हो गया, जिसमें उसके कोकीन डिलीवरी के बदले 5400 डॉलर में सौदा होने की बात सामने आई।
.30 साल के ड्राइवर को 55 साल तक जेल से बाहर आने की छूट नहीं मिलेगी। इस लिहाज से अब 85 साल की उम्र के बाद ही उसे जमानत मिल सकेगी। हालांकि, कोर्ट ने उसके जेल में बिताए 407 दिनों को भी सजा में जोड़ दिया। यह घटना 17 अप्रैल 2025 की है, जब इलिनॉय स्टेट पुलिस (IPS) ने इंटरस्टेट-74 पर लेरॉय के पास एक सेमी-ट्रक को सेफ्टी इंस्पेक्शन यानी सुरक्षा जांच के लिए रोका, जिसे जोबनप्रीत सिंह चला रहे थे।
.जांच के दौरान के-9 डॉग यानी खोजी कुत्ते की मदद से ट्रक के रेफ्रिजरेटेड ट्रेलर के अंदर छिपे 4 बड़े काले कचरे के बैग बरामद हुए। इनमें लगभग 234 पाउंड यानी 106 किलोग्राम कोकीन थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जोबनप्रीत ने इशारा मिलने के बाद भी गाड़ी रोकने में देरी की थी और पूछताछ के दौरान उसका व्यवहार काफी नर्वस यानी घबराहट से भरा हुआ था। उससे जब्त की गई कोकीन की बाजार में कीमत करीब
.10.6 मिलियन डॉलर यानी लगभग 90 करोड़ रुपए आंकी गई। इस मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए मार्च 2026 में जूरी ने जोबनप्रीत सिंह को कंट्रोल्ड सब्सटेंस ट्रैफिकिंग और इंटेंट टू डिलीवर का दोषी पाया। इसके बाद 29 मई 2026 को जज विलियम योर्डर ने उन्हें 75 साल की सख्त सजा सुनाई। हालांकि, जोबनप्रीत को पहले से जेल में बिताए गए 407 दिनों का क्रेडिट भी दिया गया है। इलिनॉय राज्य के सख्त कानूनों के मुताबिक,
.आरोपी को अपनी इस सजा का कम से कम 75 प्रतिशत समय यानी लगभग 55 साल से ज्यादा का वक्त अनिवार्य रूप से जेल में ही काटना होगा। इस फैसले पर मैक्लीन काउंटी स्टेट्स अटॉर्नी एरिका रेनॉल्ड्स ने इलिनॉय स्टेट पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके इस कदम से ये नशीले पदार्थ समुदाय में फैलने से रुक गए और असिस्टेंट स्टेट्स अटॉर्नी ने कोर्ट में न्याय सुनिश्चित किया।
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अदालत में सुनवाई के दौरान जोबनप्रीत सिंह ने अपना बचाव करते हुए दावा किया था कि उसे ट्रक में ड्रग्स होने की कोई जानकारी नहीं थी और वह सिर्फ एक लीगल लोड यानी वैध सामान ढो रहा था। अभियोजन पक्ष यानी प्रॉसीक्यूशन ने उसके इस दावे को खारिज करते हुए फोन मैसेजेस को सबूत के तौर पर पेश किया, जिनमें इस काम के लिए 5400 डॉलर के भुगतान का साफ जिक्र था, जिससे यह साबित हो गया कि
.जोबनप्रीत सिंह एक ड्रग म्यूल यानी तस्करी के साधन के रूप में काम कर रहा था। इलिनॉय की ड्रग ट्रैफिकिंग गाइडलाइंस के अनुसार, यदि कोकीन की मात्रा 900 ग्राम से अधिक होती है, तो तस्करी के इस गंभीर आरोप में अपराधी को 30 से लेकर 120 साल तक की जेल हो सकती है। कैलिफोर्निया से ट्रक चलाने वाले पंजाबी मूल के जोबनप्रीत सिंह की इस गिरफ्तारी और इतनी लंबी सजा की खबर ने अमेरिकी-भारतीय समुदाय और पंजाबी मीडिया में भारी चर्चा बटोरी है।
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