PTB Big न्यूज़ पठानकोट : पंजाब के पठानकोट का 26 वर्षीय जगमीत सिंह पनामा के जंगलों में खो चुका है। 45 लाख रुपए में उसे अमेरिका भेजने के सपने दिखाए गए। लेकिन फ्लाइट से भेजने का वादा कर उसे डंकी रूट से भेजा गया, जहां अकसर बेईमान एजेंट कई दिनों तक लड़के-लड़कियों को अमेरिका बॉर्डर तक ले जाने के लिए पहाड़ों व दलदली रास्तों पर चलने के लिए मजबूर करते हैं।
.19 दिसंबर को जगमीत ने आखिरी बार अपने परिवार को लोकेशन भेजी थी, जो पनामा थी। पठानकोट पुलिस ने पिता जोगिंदर सिंह की शिकायत पर काहनूवान के ट्रैवल एजेंट पति-पत्नी परमिंदर सिंह और बलविंदर कौर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार लापता जगमीत के माता-पिता को एजेंटों ने विश्वास दिलाया था कि जगमीत को अमेरिका के लिए सीधी उड़ान से भेजा जाएगा।
. .लेकिन, अंतिम समय में उसे डंकी रूट से जाने के लिए मजबूर किया गया। जगमीत आखिरी बार अपने माता-पिता से 19 दिसंबर को संपर्क में आया था और तब उसकी लोकेशन पनामा के जंगलों में पाई गई थी। पठानकोट के SSP दलजिंदर सिंह ढिल्लों इस मामले की जांच खुद कर रहे हैं। पुलिस इस मामले को 26 दिसंबर की फ्रांस में रोकी गई निकारगुआ जाने वाली डंकी मार्ग फ्लाइट से भी जोड़ कर देख रही है।
.फिलहाल दोनों पति-पत्नी एजेंट्स पर पुलिस ने धारा 420 (धोखाधड़ी), 346 (गलत तरीके से छिपाना) और माइग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत FIR की गई है। पुलिस जगमीत का पता लगाने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट्स का सहारा ले रही है। डिजिटल फुटप्रिंट्स वे ऑनलाइन गतिविधियां हैं, जो जगमीत आगे बढ़ने के साथ-साथ पीछे छोड़ गया। जैसे मोबाइल का प्रयोग और ऑनलाइन ट्रांजेक्शंस आदि। इससे जगमीत की मूवमेंट का पता लगाने में आसानी होगी।
.जोगिंदर ने एजेंट्स पर आरोप लगाया है कि सौदा 45 लाख रुपये में तय हुआ था। जिसमें से 15 लाख रुपए एडवांस दिया गया था। एडवांस देने के बाद एजेंट से फोन कर बताया था कि जगमीत गुयाना के लिए उड़ान भर चुका है, जहां से वह एक या दो दिन के भीतर सुरक्षित रूप से अमेरिका पहुंच जाएगा। लेकिन परिवार को कुछ समय बाद ही जगमीत का फोन आया कि उसे दिल्ली से पनामा के लिए उड़ान भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
.19 दिसंबर को जगमीत का फोन आया और उसने लोकेशन भेजी, जो पनामा के जंगलों की थी। वे डरा हुआ था और रो रहा था। पुलिस जगमीत को ढूंढने के साथ-साथ आरोपी एजेंट्स पति-पत्नी को भी खोजने में जुटी हुई है। जांच में सामने आय है कि आरोपियों ने गाजियाबाद के एक पते से अपना नया पासपोर्ट बीते समय में ही तैयार करवाया था। आशंका है कि वे FIR दर्ज होने से पहले ही विदेश भाग गए हैं।
. .