PTB News धार्मिक : सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और पूर्व AAP नेता एचएस फूलका आज यानि बुधवार (1 अप्रैल) को BJP में शामिल हो गए। उन्होंने दिल्ली में पार्टी जॉइन की। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाया। इस दौरान पंजाब भाजपा के प्रधान सुनील जाखड़ और वर्किंग प्रधान अश्वनी शर्मा भी मौजूद रहे। इस दौरान फूलका ने AAP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि AAP के दांत दिखाने के और, खाने के और हैं। अन्ना आंदोलन के दौरान पार्टी से जुड़े।
.लेकिन बाद में निराश होकर अलग हो गए। पंजाब में कानून व्यवस्था खराब है। गैंगस्टरवाद, फिरौती कॉल और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। आगे आने वाली सरकार BJP की बनाने की कोशिश करेंगे। वहीं, CM भगवंत मान ने फूलका के BJP जॉइन करने पर कहा कि उनको मुबारक, मेरे पुराने साथी रहे हैं। मैं पार्लियामेंट में था, वह विधानसभा में थे। उन्होंने नेता विपक्ष (LOP) से भी इस्तीफा दे दिया था। दाखा विधानसभा से भी रिजाइन कर दिया था।
. .अगर लोगों ने कोई बंदा चुना और वह बीच में छोड़ जाए, यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। मैंने तो आज तक ऐसे व्यक्ति को दोबारा जीतते हुए नहीं देखा। उन्होंने कहा कि बीजेपी की लीगल टीम को हेड करता था बिना किसी फीस लिए। मैंने इलेक्शन से रिजाइन किया। 2003 से 2013 तक बीजेपी की लीगल टीम को हेड किया। साल 2014 में गलती हुई। सोचा था कि देश बदलने पार्टी आई। कांग्रेस के भ्रष्टाचार से लोग तंग थे। अन्ना आंदोलन के समय इस पार्टी (AAP) से जुड़ गया।
.लेकिन थोड़े समय बाद पता चला कि इस पार्टी के दांत दिखाने के और खाने के और हैं। 2017 में विपक्ष का नेता बना। वहीं उन्होंने कहा कि आज पंजाब का हाल देखकर दुख होता है। अपने आपको गिल्टी महसूस करते हैं। पंजाब इस स्थिति से गुजर रहा है। हम साइड में बैठे। लोगों ने भी यह कहना शुरू कर दिया। आज कानून व्यस्था को देखो। गैंगस्टरवाद ले लो, आज कोई ऐसा कारोबारी या बिजनेसमैन नहीं है, उसे फिरौती की कॉल न आई हो। करप्शन बहुत ज्यादा है।
.वहीं फुल्का ने आगे यह भी कहा कि अगली सरकार BJP की बनाने की कोशिश करेंगे: फूलका ने कहा कि किताबों में यहां तक लिखा था कि कश्मीरी पंडित गुरु साहब के पास आए नहीं है। उस समय ऐसा नहीं सोच सकते थे कि शहीदी दिवस पर गुरु को लेकर लाल किला में समागम होगा। पीएम ने कहा कि हिंदू अगर आज बचे हैं तो गुरु की शहादत से बचे हैं। करतारपुर कॉरिडोर खुला है, यह सब बीजेपी ने किया। वहीं आपको यह भी बता दें कि फूलका सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट हैं।
.उन्हें मुख्य रूप से 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उनके आजीवन संघर्ष करने का प्रण लेने के लिए जाना जाता है। 2019 में केंद्र सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया। फूलका का जन्म 24 अगस्त 1955 को पंजाब के बरनाला जिले के भदौड़ गांव में हुआ। उनका बचपन गांव में बीता और उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं के स्थानीय स्कूलों से की। फूलका के पिता का नाम सरदार अमर सिंह फूलका था।
.वे एक किसान थे और खेती-बाड़ी से जुड़े हुए थे। उनकी माता का नाम हरबंस कौर था। एसएस फूलका ने दिल्ली सिख दंगों के पीड़ितों के लिए 35 साल से अधिक समय तक बिना कोई फीस लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। इस केस में उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा दिलवाने और जगदीश टाइटलर के खिलाफ मामलों को उठाकर केस को निर्णय तक पहुंचाया। फूलका बताते हैं कि
.1984 में वे खुद और गर्भवती पत्नी इस दंगे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे थे। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन इन पीड़ितों को समर्पित कर दिया। फूलका ने 2014 में AAP जॉइन की। उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव लुधियाना से लड़ा। लेकिन हार गए। इसके बाद 2017 में वे पंजाब के दाखा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता बने।










































